एचपीवी टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर से बचाव: धर्माणी

rakesh nandan

20/04/2026

नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा है कि प्रदेश सरकार किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण को लेकर गंभीर है और इसी दिशा में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों को एचपीवी वैक्सीन के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाना है।


🩺 किशोरियों के स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मंत्री राजेश धर्माणी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14-15 वर्ष आयु की बेटियों को अवश्य एचपीवी टीका लगवाएं। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


⚠️ बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर के मामले

उन्होंने चिंता जताते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सर्जरी के दौरान सर्वाइकल कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। विशेष रूप से घुमारवीं क्षेत्र में हर सप्ताह इस प्रकार के मामले सामने आ रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर संकेत है।


💉 समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किशोरियों को सही समय पर एचपीवी टीका लगाया जाए, तो यह वायरस संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है। इससे भविष्य में कैंसर विकसित होने की संभावना काफी कम हो जाती है।


📊 बिलासपुर में 788 किशोरियों का टीकाकरण

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला बिलासपुर में 19 अप्रैल तक 2735 के लक्ष्य के मुकाबले 788 किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है।

विभिन्न स्वास्थ्य खंडों में टीकाकरण की स्थिति इस प्रकार है:

  • घुमारवीं: 260
  • झंडूता: 222
  • मारकंड: 189
  • श्री नैना देवी जी क्षेत्र: 117

उन्होंने बताया कि केवल एक दिन में 96 किशोरियों को टीका लगाया गया, जो अभियान की गति को दर्शाता है।


🏥 31 स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण

20 अप्रैल से AIIMS Bilaspur सहित जिले के सभी 31 स्वास्थ्य केंद्रों पर एचपीवी टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। ये सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेंगे। आवश्यकता पड़ने पर रविवार को विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।


❄️ कोल्ड चेन व्यवस्था सुनिश्चित

टीकाकरण के लिए जिले में कई कोल्ड चेन प्वाइंट (CCP) स्थापित किए गए हैं, ताकि वैक्सीन की गुणवत्ता बनी रहे। घुमारवीं, झंडूता, मारकंड और श्री नैना देवी जी क्षेत्रों में अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों में ये व्यवस्थाएं की गई हैं।


🧬 एचपीवी संक्रमण कितना खतरनाक?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी संक्रमण भारत में लगभग 83 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार है। यह वायरस महिलाओं के प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है और लंबे समय तक संक्रमण रहने पर कैंसर का कारण बन सकता है। एचपीवी के 200 से अधिक प्रकार होते हैं, जिनमें से 17 प्रकार कैंसर पैदा करने वाले माने जाते हैं। विशेष रूप से HPV-16 और HPV-18 सबसे अधिक खतरनाक माने जाते हैं।


📢 स्कूलों से भी सहयोग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों से अपील की है कि वे टीकाकरण टीमों का सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक किशोरियों तक यह सुविधा पहुंच सके।