विश्व पर्यावरण दिवस पर गोहर में चला स्वच्छता अभियान, अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने लिया भाग
मंडी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपमंडल गोहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। बासा, गोहर और चैलचौक में आयोजित इस अभियान के दौरान स्वच्छता गतिविधियों के साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण और हरित जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया गया।
अभियान में उपमंडलाधिकारी (ना.) गोहर देवी राम ने स्वयं भाग लेकर लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर चलाए गए सफाई अभियान में हिस्सा लेते हुए नागरिकों से अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।
विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसी क्रम में गोहर उपमंडल में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता, हरित वातावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
स्वच्छता अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थलों, सड़कों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सफाई की गई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर साफ-सफाई की गतिविधियों में भाग लिया और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
उपमंडलाधिकारी देवी राम ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन इसके लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी भी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा बननी चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने का संकल्प ले तो समाज में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। स्वच्छ वातावरण न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि यह प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वन विभाग, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, एसडीएम कार्यालय और तहसील कार्यालय के कर्मचारियों ने सफाई अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इसके अतिरिक्त विकास खंड अधिकारी, महिला मंडलों की सदस्याएं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विभिन्न सामाजिक वर्गों की सहभागिता ने इस अभियान को एक सामुदायिक पहल का स्वरूप प्रदान किया। प्रतिभागियों ने मिलकर स्वच्छता गतिविधियों को अंजाम दिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं और समाज के प्रत्येक वर्ग को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
महिला मंडलों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने और कचरे का उचित निपटान करने की अपील की।
उपमंडलाधिकारी देवी राम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यह एक जन आंदोलन बनना चाहिए जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहयोग करने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए आज से ही पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस अभियान ने स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।