हमीरपुर में ऋण योजनाओं के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश

rakesh nandan

05/06/2026

अधिक से अधिक लोगों को ऋण योजनाओं से जोड़ें बैंक, सीडी रेशो सुधारने पर दें विशेष ध्यान : उपायुक्त गंधर्वा राठौड़

हमीरपुर। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे अधिक से अधिक लोगों को विभिन्न ऋण योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष जागरूकता एवं ऋण आवंटन शिविर आयोजित करें। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के सहयोग से नियमित रूप से ऐसे शिविर लगाए जाएं ताकि पात्र लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं और ऋण योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

शुक्रवार को हमीर भवन में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) और बैंक सलाहकार समिति (BLBC) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने बैंकिंग क्षेत्र की उपलब्धियों और चुनौतियों की समीक्षा की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही, जो 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई, के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया तथा नए वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिला हमीरपुर में कुल 1,819 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए। इसके बावजूद जिले का ऋण एवं जमा अनुपात (CD Ratio) केवल 23.76 प्रतिशत रहा, जिसमें और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि सीडी रेशो बढ़ाने के लिए ऋण वितरण की प्रक्रिया को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाया जाए।

गंधर्वा राठौड़ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऋण से संबंधित मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। विशेष रूप से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न सब्सिडी आधारित योजनाओं के अंतर्गत आने वाले ऋण आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी जाए। उन्होंने कहा कि समय पर ऋण उपलब्ध होने से लाभार्थियों को स्वरोजगार और व्यवसायिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

उपायुक्त ने कहा कि जिला हमीरपुर में कृषि, पशुपालन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), स्वयं सहायता समूहों और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण वितरण की काफी संभावनाएं मौजूद हैं। इसके अलावा सोलर प्लांट स्थापना, शिक्षा ऋण और हाउसिंग लोन जैसे क्षेत्रों में भी बैंक सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बैंकों से इन क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति बनाने का आग्रह किया।

बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि जिले में अब तक 45,630 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो पात्र किसान अभी तक इस सुविधा से वंचित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर केसीसी उपलब्ध करवाया जाए ताकि वे कृषि गतिविधियों के लिए आसानी से ऋण प्राप्त कर सकें।

उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) तथा पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों से संबंधित मामलों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और छोटे व्यवसायियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), अनुसूचित जाति एवं जनजाति निगम (SC/ST Corporation) और अन्य विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इन योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत ऋणों और लाभार्थियों की संख्या से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की।

इस अवसर पर उपायुक्त ने पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) की उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया। उन्होंने संस्थान द्वारा बेरोजगार युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की।

बैठक में मुख्य अग्रणी जिला प्रबंधक धर्मेंद्र स्याल ने जिले की बैंकिंग गतिविधियों, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने और अधिक लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक में एडीसी अभिषेक गर्ग, भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ आशीष सांगड़ा, नाबार्ड के डीडीएम नरेश कुमार, आरसेटी के निदेशक अजय कतना तथा विभिन्न बैंकों और विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया। सभी ने बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और ऋण वितरण को बढ़ाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

उपायुक्त ने अंत में कहा कि बैंक और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो जिले की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी जा सकती है। उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि अगली त्रैमासिक समीक्षा बैठक में जागरूकता एवं ऋण आवंटन शिविरों की विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए।