मंडी में अवैध शराब और नशे के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा, उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश
मंडी। हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम-2011, एनडीपीएस अधिनियम-1985 तथा हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम-1989 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समन्वय समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उपायुक्त कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में आयोजित इस बैठक में अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी, खाद्य सुरक्षा तथा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त अपूर्व देवगन ने सभी उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिए कि वे आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय स्थापित करें और अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया में संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया जाए ताकि कानून का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि जिला स्तरीय समन्वय समिति का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान, त्रैमासिक समीक्षा तथा संयुक्त निरीक्षण अभियानों को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए।
अपूर्व देवगन ने कहा कि अवैध शराब और नशीले पदार्थों की तस्करी समाज के लिए गंभीर चुनौती है। इससे निपटने के लिए नियमित निरीक्षण, विशेष अभियान और संयुक्त कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब निर्माण और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए छापेमारी अभियान लगातार जारी रखे जाएं।
उन्होंने डेयरी उत्पादों और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि जनस्वास्थ्य और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में राज्य कर एवं आबकारी विभाग के उप आयुक्त अरविंद शर्मा ने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2026 से 31 मई 2026 तक हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम-2011 के तहत मंडी पुलिस द्वारा कुल 173 मामले दर्ज किए गए।
इस अवधि के दौरान पुलिस विभाग ने 698.250 लीटर विदेशी शराब (IMFL), 5,423.675 लीटर देशी शराब, 154.900 लीटर बीयर तथा 124.800 लीटर अवैध लाहण और थरड़ा बरामद किया। यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उन्होंने बताया कि इसी अवधि में राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा जिले में 37 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में 104.25 लीटर विदेशी शराब, 372.63 लीटर देशी शराब, 88.5 लीटर बीयर तथा 116 लीटर लाहण बरामद किया गया। विभाग ने कार्रवाई के दौरान जब्त शराब से संबंधित मामलों में आरोपितों से 5 लाख 29 हजार रुपये की कंपाउंडिंग फीस भी वसूल की।
बैठक में एनडीपीएस अधिनियम-1985 के तहत दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मंडी पुलिस द्वारा इस अवधि में 149 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में 42.022 किलोग्राम चरस, 180 ग्राम अफीम, 138.165 किलोग्राम डोडा पोस्त तथा 522.219 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।
इसके अलावा पुलिस विभाग द्वारा नशे के स्रोतों को समाप्त करने के उद्देश्य से व्यापक अभियान चलाते हुए 4,06,396 पोस्त के पौधों को नष्ट किया गया। अधिकारियों ने बताया कि नशा उन्मूलन के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए बताया गया कि इस अवधि में 5 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 3 मामलों में लगभग 1.85 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि 2 अन्य मामले सक्षम प्राधिकरण के समक्ष विचाराधीन हैं।
उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे कानून व्यवस्था, जनहित और सार्वजनिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभागीय सहयोग और सतत निगरानी बेहद आवश्यक है।
बैठक में डीएसपी दिनेश कुमार, आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी, सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) एल.डी. ठाकुर तथा जिले के सभी एसडीएम वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर सुझाव प्रस्तुत किए और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की।