अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री सुक्खू से की मुलाकात, डीए और एरियर सहित कई मांगें उठाईं
शिमला। हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से ओकओवर शिमला में मुलाकात की। इस दौरान कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों और लंबित मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए), वेतन आयोग के बकाया एरियर तथा वन विभाग से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी लंबे समय से अपने वित्तीय लाभों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते और वेतन आयोग के बकाया एरियर को जल्द जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनके देय लाभ समय पर मिलना चाहिए ताकि उन्हें आर्थिक राहत प्राप्त हो सके।
प्रदीप ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के लाखों कर्मचारी और पेंशनर सरकार के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने आग्रह किया कि सरकार इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर कर्मचारियों की अपेक्षाओं को पूरा करे। महासंघ ने यह भी कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के देय भत्तों और अन्य लंबित मामलों के समाधान के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है तथा इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि क्लास-4 कर्मचारियों के पूरे एरियर का भुगतान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 70 वर्ष से अधिक आयु के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया एरियर का भुगतान भी सरकार द्वारा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष कर्मचारियों के एरियर के भुगतान की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है और इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक के दौरान वन विभाग कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की और विभाग से जुड़े मुद्दों को उनके समक्ष रखा। वन विभाग के प्रतिनिधियों ने वन रक्षक (फॉरेस्ट गार्ड) के लगभग 500 पदों को समाप्त करने संबंधी अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की। उनका कहना था कि इन पदों का महत्व वन संरक्षण और विभागीय कार्यों के संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने इस विषय पर भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वन रक्षक कैडर को कम नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार वन विभाग की आवश्यकताओं को समझती है और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल्द 200 वन रक्षकों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन का प्रतिनिधिमंडल ने स्वागत किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार द्वारा लिए जाने वाले सभी निर्णय कर्मचारियों, पेंशनरों और प्रदेश के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ हमेशा कर्मचारियों की जायज मांगों को सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से सरकार के समक्ष उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा एरियर और अन्य मुद्दों पर दिए गए आश्वासन से कर्मचारियों में उम्मीद जगी है।
प्रदीप ठाकुर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की लंबित मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि एरियर भुगतान से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री की कर्मचारी हितैषी सोच की सराहना करते हुए कहा कि सरकार लगातार कर्मचारी कल्याण से जुड़े विषयों पर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर महासंघ के महासचिव भरत शर्मा, वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष चांद राणा, महासचिव दिनेश शर्मा, छोटू यादव, सुरेश कुमार, ललित भारती, ताज दीन, नीरज, अंकित मेहता, करण सेन और मनजीत सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।