पंचायती राज चुनावों में युवाओं ने ठोकी ताल

rakesh nandan

12/05/2026

प्रदेश में चल रहे पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में इस बार युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। जिला परिषद, पंचायत प्रधान और बीडीसी चुनावों में बड़ी संख्या में युवा उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरकर राजनीति में नई शुरुआत कर रहे हैं।

युवा प्रत्याशियों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है। जिला परिषद सदस्य पद के लिए 20 से 30 वर्ष आयु वर्ग के कई युवाओं ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।

जिला परिषद वार्ड नंबर 9 पातलियों से चुनाव लड़ रहे युवा प्रत्याशी हरिकेश जंग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रदेश में बढ़ता नशा आज समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि वह युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें खेलकूद तथा सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से चुनावी मैदान में उतरे हैं।

उन्होंने बताया कि उनके वार्ड की एक दर्जन से अधिक पंचायतों के युवाओं का उन्हें समर्थन मिल रहा है और युवा चाहते हैं कि राजनीति में नई सोच और नई ऊर्जा के साथ बदलाव लाया जाए।

वहीं जिला परिषद वार्ड नंबर 7 पांवटा साहिब से चुनाव लड़ रहीं 24 वर्षीय युवा प्रत्याशी खुशप्रीत कौर ने कहा कि उनका राजनीति में आने का उद्देश्य युवाओं को बेहतर भविष्य और समाज को सकारात्मक दिशा देना है।

उन्होंने कहा कि वह युवाओं की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि उनके चुनाव मैदान में उतरने से क्षेत्र के युवाओं में उत्साह बढ़ा है और उन्हें युवाओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है।

इसी प्रकार 23 वर्षीय युवा प्रत्याशी गुरमीत कौर ने कहा कि वह पहली बार चुनावी राजनीति में उतरी हैं। उनका उद्देश्य युवाओं को आगे लाना और राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि यदि युवा राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेंगे तो समाज में बेहतर बदलाव आएंगे और युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिलेंगे।

प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के दौरान युवाओं की बढ़ती भागीदारी को लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। युवा उम्मीदवार विकास, शिक्षा, रोजगार, खेल और नशामुक्त समाज जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं।