अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) एवं जिला जनगणना अधिकारी ज्योति राणा की अध्यक्षता में सोमवार को बचत भवन शिमला में जनगणना-2027 के लिए नियुक्त 26 फील्ड प्रशिक्षकों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन दिवसीय है, जो 11 मई से शुरू होकर 13 मई तक चलेगा। कार्यक्रम के दूसरे चरण में अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर अनिल कुमार और रमेश कुमार द्वारा फील्ड प्रशिक्षकों को डिजिटल जनगणना प्रक्रिया, मोबाइल ऐप के उपयोग, डाटा संग्रहण और अन्य तकनीकी विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान जिला नोडल अधिकारी रमेश कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
जिला जनगणना अधिकारी ज्योति राणा ने बताया कि जनगणना-2027 पहली बार पूर्ण रूप से डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही है। इसके तहत स्व-गणना प्रणाली भी लागू की जा रही है, जिससे नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि एचएलओ (HLO) मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से लोग 1 जून से 15 जून 2026 तक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
इसके बाद 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान इन सभी प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी गई ताकि जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।
ज्योति राणा ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की बुनियादी योजना तैयार करने का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न विकास योजनाओं और नीतियों का निर्माण करती है। ऐसे में सही और सटीक जानकारी एकत्र करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों से कहा कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। साथ ही जिला वासियों से भी अपील की कि वे जनगणना अधिकारियों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं ताकि जनगणना का कार्य सटीकता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा सके।
जिला जनगणना अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना से संबंधित सभी जानकारी पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सरकारी योजना एवं नीति निर्माण के उद्देश्य से किया जाएगा।
शिमला में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना-2027 की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।