हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग द्वारा जिला बिलासपुर में अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बचत भवन, बिलासपुर में आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के प्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
इस शिविर की अध्यक्षता कुलदीप कुमार धीमान ने की। उनके साथ आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा, विजय डोगरा और शालिनी जम्वाल भी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा करना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आयोग का विशेष ध्यान अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम (एससीडीपी) के तहत आवंटित बजट के प्रभावी और पारदर्शी उपयोग पर है, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंच सके।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता शिविरों का उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति भी जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, विशेष रूप से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में अनुसूचित जाति वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कुलदीप कुमार धीमान ने बताया कि वर्तमान में अनुसूचित जाति समुदाय से बहुत कम लोग अपनी शिकायतें आयोग के समक्ष दर्ज कराने पहुंचते हैं। इस स्थिति को देखते हुए आयोग ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों से पहले संबंधित समुदाय की शिकायतों की सुनवाई की जा रही है। इससे समस्याओं के समाधान के लिए ठोस निर्णय लेने में मदद मिल रही है।
उन्होंने कहा कि आयोग का लक्ष्य न केवल समस्याओं का समाधान करना है, बल्कि समुदाय से फीडबैक लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार लाना भी है। इससे योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा और लाभार्थियों तक उनका लाभ बेहतर तरीके से पहुंच सकेगा।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को नशामुक्त और चिट्टा मुक्त हिमाचल बनाने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने सभी से अपील की कि वे समाज से नशे को खत्म करने के लिए एकजुट होकर कार्य करें और एक स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में योगदान दें।
शिविर के दौरान विभिन्न संगठनों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को आयोग के समक्ष रखा। इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और समाधान के लिए सुझाव भी दिए गए।
इस कार्यक्रम में सतपाल वर्धन, रीना पुंडीर, अंजना धीमान, रीता सहगल, विनय मोदी, राजकुमार और रमेश बंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि इस प्रकार के जागरूकता शिविर समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है, बल्कि वे अपने अधिकारों के प्रति भी जागरूक होते हैं।