प्रेमनगर स्कूल को 4.5 लाख मुरम्मत राशि स्वीकृत

rakesh nandan

17/04/2026

हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के शिक्षा खंड सराहां स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला प्रेमनगर के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरी खबर सामने आई है। पाठशाला के जर्जर भवन की मरम्मत के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 4 लाख 50 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस निर्णय से विद्यालय प्रबंधन समिति, अध्यापकगण और अभिभावकों में खुशी की लहर है।

पाठशाला विकास एवं प्रबंधन समिति प्रेमनगर ने इस सहयोग के लिए स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। समिति के सदस्यों ने कहा कि यह राशि विद्यालय के लिए अत्यंत आवश्यक थी, जिससे अब भवन की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू किया जा सकेगा।

गौरतलब है कि हाल ही में पाठशाला की अध्यापिका सृष्टि शर्मा के नेतृत्व में विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य शिमला में शिक्षा निदेशक से मिले थे। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की विभिन्न समस्याओं को विस्तार से रखा और भवन की खराब स्थिति के बारे में अवगत कराया। उन्होंने निदेशक को विद्यालय में बच्चों के लिए चलाई जा रही गतिविधियों से संबंधित स्मृति चित्र भी भेंट किया।

विद्यालय भवन की स्थिति लंबे समय से चिंताजनक बनी हुई थी। स्कूल के दो कमरे, रसोईघर और शौचालय की हालत काफी खराब हो चुकी थी, जिससे बच्चों और शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती थी।

इन समस्याओं को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन समिति और अध्यापिका सृष्टि शर्मा ने शिक्षा निदेशक से तत्काल सहायता की मांग की थी। उनकी इस पहल को गंभीरता से लेते हुए निदेशक आशीष कोहली ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर दी।

इस राशि के स्वीकृत होने के बाद विद्यालय के प्रभारी मायाराम शर्मा, अध्यापिका सृष्टि शर्मा और सभी अभिभावकों ने खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इससे स्कूल के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और बच्चों को बेहतर वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने यह भी कहा कि यह पहल अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। यदि शिक्षक और अभिभावक मिलकर प्रयास करें, तो सरकारी स्तर पर भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

सदस्यों ने अध्यापिका सृष्टि शर्मा के प्रयासों की विशेष सराहना की, जिन्होंने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया और अधिकारियों तक पहुंचाया। उनकी सक्रियता और समर्पण के कारण ही यह कार्य संभव हो पाया।

यह कदम न केवल विद्यालय के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने की दिशा में भी एक सकारात्मक प्रयास है। बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई में सुधार होगा और उनका मनोबल भी बढ़ेगा।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि प्रेमनगर पाठशाला के लिए स्वीकृत यह राशि शिक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत है। इससे न केवल स्कूल का ढांचा सुधरेगा, बल्कि बच्चों के भविष्य को भी नई दिशा मिलेगी।