रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने वन विभाग और एचपीपीसीएल (HPPCL) पर पेड़ों की गिनती में कथित अनियमितताओं और बिना अनुमति कार्य करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
समिति की ओर से जारी बयान में बताया गया कि एचपीपीसीएल के जीएम ने संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया था। जब समिति के सदस्य बैठक में पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि वन विभाग द्वारा परियोजना क्षेत्र में पेड़ों की दोबारा गिनती की जा रही है।
संघर्ष समिति का आरोप है कि दोबारा गिनती किए जाने का मतलब यह है कि परियोजना के पास पर्यावरण मंत्रालय की आवश्यक एनओसी उपलब्ध नहीं थी। समिति ने दावा किया कि उनकी ओर से डीएफओ को शिकायत पत्र दिए जाने के बाद संबंधित कार्य को बंद करना पड़ा था।
समिति के अनुसार पेड़ों की गिनती के दौरान 20 बाय 20 मीटर के क्षेत्र का चयन कर पेड़ों की संख्या दर्ज की जा रही थी, लेकिन ऐसे स्थान चुने जा रहे थे जहां पेड़ों की संख्या अपेाकृत कम है। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया पर्यावरण मंत्रालय को कम संख्या दिखाने के उद्देश्य से अपनाई जा रही है, जो पूरी तरह गलत है।
समिति के पदाधिकारियों ने दावा किया कि उनके सामने जिन दो क्षेत्रों में गिनती की गई, उनमें एक स्थान पर 35 और दूसरे स्थान पर 42 पेड़ पाए गए। उनका कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में इससे काफी कम पेड़ दिखाए जाते हैं तो इससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
समिति ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बैठक डीएफओ रेणुका से प्रस्तावित थी, लेकिन उन्होंने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया और कार्यालय में भी उपस्थित नहीं हुए। समिति के अनुसार बाद में फोन पर डीएफओ ने खुद को जंगल में पेड़ों की गिनती में व्यस्त बताया और कॉल समाप्त कर दी।
रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने डीएफओ को चेतावनी देते हुए कहा कि 11 तारीख को दी गई शिकायत के बाद यदि बिना अनुमति पहाड़ काटने और कार्य करने के मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है तो यह गंभीर मामला है। समिति ने पूछा कि बिना अनुमति बड़े स्तर पर पहाड़ काटे जाने पर अब तक क्या कार्रवाई की गई।
समिति ने कहा कि यदि आगामी चार या पांच तारीख तक उचित कार्रवाई नहीं की गई तो संघर्ष समिति डीएफओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेगी। यह बैठक समिति के अध्यक्ष विजय प्रधान के नेतृत्व में आयोजित की गई, जिसमें सचिव योगी ठाकुर सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।