अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। परिषद ने फीस वृद्धि और विश्वविद्यालय पुस्तकालय में सस्ते दामों पर नोट्स एवं प्रिंटिंग सुविधा देने वाली दुकान को बंद करने के फैसले के विरोध में कुलसचिव का घेराव किया।

विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शन में 500 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। छात्रों ने रैली निकालकर धरना प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने फीस वृद्धि को वापस लेने और पुस्तकालय के अंदर संचालित नोट्स एवं प्रिंटिंग दुकान को दोबारा शुरू करने की मांग उठाई।
इकाई मंत्री सुशील शर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पहले ही छात्रों को सीमित सुविधाएं मिल रही हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा फीस बढ़ाने का फैसला छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पुस्तकालय के अंदर संचालित दुकान में छात्रों को कम कीमत पर प्रिंटिंग, बाइंडिंग और एडिटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती थीं, जिससे बड़ी संख्या में छात्रों को लाभ मिलता था। प्रशासन द्वारा इस दुकान को बंद करने का निर्णय आम छात्रों के हितों के खिलाफ है।
सुशील शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने लाइब्रेरी में मौजूद 500 से अधिक छात्रों के साथ मिलकर इस फैसले के खिलाफ धरना दिया और कुलसचिव का घेराव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है।

एबीवीपी ने विश्वविद्यालय में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। इकाई मंत्री ने कहा कि एक ही प्रोफेसर को जैव विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, पुस्तकालय विज्ञान और फॉरेंसिक साइंस जैसे चार विभागों का अध्यक्ष बनाया गया है। इससे चारों विभागों में शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
विद्यार्थी परिषद ने मांग की कि संबंधित प्रोफेसर को हटाकर ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाए जो विभागों का बेहतर संचालन कर सके। परिषद के अनुसार छात्रों के हितों को देखते हुए कुलसचिव ने परिषद की मांगों को स्वीकार किया, जिसके बाद छात्रों में खुशी का माहौल देखा गया।
सुशील शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में भी छात्रों के हितों के खिलाफ इस प्रकार के फैसले लिए गए तो विद्यार्थी परिषद छात्रों के साथ मिलकर और बड़ा आंदोलन करेगी।
