मुख्यमंत्री सुक्खू ने छात्रों से संवाद, शिक्षा सुधारों पर बोले

rakesh nandan

25/05/2026

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को नव स्तरोन्नत सीबीएसई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, छोटा शिमला में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों के सवालों के सहज और विस्तृत जवाब दिए तथा शिक्षा, करियर, अनुशासन और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर खुलकर बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल भाषण देना नहीं बल्कि विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर शिक्षा व्यवस्था की कमियों को समझना और उन्हें दूर करना है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों को देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में शामिल करने की दिशा में कार्य कर रही है ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से होती है और वे मेहनती एवं सक्षम होते हैं।

संवाद के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री से उनके छात्र जीवन और व्यक्तिगत अनुभवों को लेकर भी प्रश्न पूछे। छात्र आरव ठाकुर द्वारा पसंदीदा खेल के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने बताया कि वे अपने स्कूली दिनों में हॉकी, क्रिकेट और हैंडबॉल खेलते थे तथा वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में सक्रिय भाग लेते थे। उन्होंने बताया कि वे हैंडबॉल टीम के कप्तान भी रहे और उन्हें ट्रैकिंग का भी शौक रहा है।

विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्कूल में भौतिकी विज्ञान शिक्षक की कमी और राजनीति विज्ञान के केवल एक शिक्षक होने का मुद्दा भी उठाया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि 30 जून से पहले सभी रिक्त पद भर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीबीएसई प्रणाली लागू होने से छात्रों को अब अधिक विषय विकल्प मिलेंगे।

कक्षा 12 के छात्र दिव्यांश ने पूछा कि वर्तमान समय में अंक ज्यादा महत्वपूर्ण हैं या कौशल। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे अंक जरूरी हैं, लेकिन विद्यार्थियों को कुशल और सक्षम व्यक्ति बनने पर भी ध्यान देना चाहिए।

नशा मुक्ति अभियान को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की भूमिका इस अभियान में सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशा तस्कर पहले युवाओं को नशे का आदी बनाते हैं और बाद में उन्हें अवैध गतिविधियों में शामिल कर लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशा तस्करों की जानकारी पुलिस को देने और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 जून को शिमला में एंटी-चिट्टा रैली आयोजित की जाएगी और विद्यार्थियों से इसमें भाग लेने का आग्रह किया।

कक्षा 7 की छात्रा राधा ने मुख्यमंत्री से उनकी राजनीतिक यात्रा के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे 17 वर्ष की आयु में स्कूल के कक्षा प्रतिनिधि बने थे। बाद में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई के दौरान विभागीय प्रतिनिधि रहे और फिर नगर निगम शिमला में पार्षद, एनएसयूआई अध्यक्ष तथा हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में अनुशासन, समर्पण और संघर्ष की भावना बेहद आवश्यक है। लगातार मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से ही सफलता हासिल की जा सकती है।

इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, सचिव शिक्षा राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, विद्यालय स्टाफ और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।