गोहर (गुडाहरी) स्थित औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय थुनाग द्वारा बीएससी (ऑनर्स) हॉर्टिकल्चर और बीएससी (ऑनर्स) फॉरेस्ट्री के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षिक दौरे का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्रों ने एपीएमसी मंडी और एफसीआई नालसर का भ्रमण कर कृषि उत्पादों के विपणन और भंडारण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
महाविद्यालय के विद्यार्थियों को इस शैक्षिक भ्रमण के दौरान फलों और सब्जियों के विपणन की विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। छात्रों ने कृषि उपज मंडियों में उत्पादों की खरीद-बिक्री, मूल्य निर्धारण और विपणन प्रणाली को करीब से समझा।
दौरे के दौरान विद्यार्थियों को ई-एनएएम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) प्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि ई-एनएएम प्लेटफॉर्म किसानों को देशभर की मंडियों से जोड़ने और पारदर्शी तरीके से कृषि उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इसके अलावा छात्रों ने एफसीआई नालसर में अनाज भंडारण और प्रबंधन प्रणाली का भी अध्ययन किया। वहां उन्हें गोदामों में अनाज के सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता नियंत्रण और वितरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
शैक्षिक दौरे में कॉलेज के वैज्ञानिक डॉ. ज्योति चौधरी, डॉ. कल्पना ठाकुर, डॉ. सरिता देवी और डॉ. रजत सिंह भी छात्रों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कृषि और वानिकी क्षेत्र से जुड़ी व्यावहारिक जानकारियों को समझने के महत्व पर जोर दिया।
डॉ. ज्योति चौधरी ने बताया कि इस शैक्षिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कृषि उत्पादों के विपणन, भंडारण और प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करवाना था, ताकि वे अपने शैक्षणिक ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव के साथ जोड़ सकें।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक दौरे विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि प्रणाली, विपणन तकनीकों और खाद्य भंडारण प्रबंधन की बेहतर समझ विकसित करने में मदद करते हैं। छात्रों ने भी इस भ्रमण को उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया।