भाजपा ने तीन पदाधिकारियों को दायित्वों से किया मुक्त

rakesh nandan

25/05/2026

भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश ने संगठनात्मक अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला परिषद चुनावों में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे तीन पदाधिकारियों को उनके संगठनात्मक दायित्वों से मुक्त कर दिया है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह निर्णय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श के बाद प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की अनुमति से लिया गया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ना संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन माना जाता है और इस प्रकार की गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिन पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके दायित्वों से मुक्त किया गया है, उनमें नूरपुर विधानसभा क्षेत्र से काहन सिंह, जो अनुसूचित जनजाति मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष थे, गुलावंत सिंह, मंडल कार्यकारिणी सदस्य, तथा शामशेर सिंह शैल, किसान मोर्चा मंडल कार्यकारिणी सदस्य शामिल हैं।

भाजपा ने कहा कि पार्टी विचारधारा आधारित संगठन है, जहां संगठनात्मक मर्यादा और अनुशासन को सर्वोच्च महत्व दिया जाता है। पार्टी ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ना पार्टी विरोधी गतिविधि माना जाएगा और भविष्य में भी अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

पार्टी ने सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संगठन की नीतियों, अनुशासन और अधिकृत प्रत्याशियों के समर्थन में कार्य करने का आह्वान किया है। यह प्रेस विज्ञप्ति भाजपा प्रदेश कार्यालय सचिव प्रमोद ठाकुर द्वारा जारी की गई।

वहीं दूसरी ओर राज्यसभा की याचिका समिति के पुनर्गठन में हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। 21 मई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार उन्हें इस महत्वपूर्ण संसदीय समिति में जिम्मेदारी दी गई है।

याचिका समिति संसद की अहम समितियों में शामिल मानी जाती है। यह समिति जनहित से जुड़े मामलों और नागरिकों द्वारा प्रस्तुत याचिकाओं पर विचार कर सरकार और संसद को सुझाव देती है। समिति प्रशासनिक और नीतिगत विषयों पर अध्ययन कर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करती है।

हर्ष महाजन को समिति में शामिल किए जाने को उनके लंबे सार्वजनिक और संसदीय अनुभव का सम्मान माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इससे हिमाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों को संसद में और मजबूती से उठाने का अवसर मिलेगा।

समिति के अध्यक्ष के रूप में राज्यसभा सांसद Raghav Chadha को नियुक्त किया गया है। समिति में विभिन्न राज्यों के सांसद शामिल किए गए हैं, जो जनहित के विषयों पर चर्चा करेंगे।

राजनीतिक हलकों में इस नियुक्ति को हिमाचल प्रदेश के प्रतिनिधित्व को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलने के रूप में देखा जा रहा है।