रेडी-एचपी परियोजना से मजबूत होगा आपदा प्रबंधन: सुक्खू

rakesh nandan

12/05/2026

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को रेज़िलिएंट एक्शन फॉर डेवलपमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी हिमाचल प्रदेश (रेडी-एचपी) परियोजना की प्रगति और क्रियान्वयन को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2687 करोड़ रुपये लागत की यह महत्वाकांक्षी परियोजना प्रदेश में आपदा प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ करने तथा प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में प्रभावी और दूरदर्शी पहल साबित होगी।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश संवेदनशील हिमालयी भू-वैज्ञानिक क्षेत्र में स्थित होने के कारण प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच प्रदेश में बादल फटने की 86, भूस्खलन की 234 तथा बाढ़ की 121 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनसे राज्य को 12,500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडी-एचपी परियोजना का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रभावित बुनियादी ढांचे जैसे सड़कें, जलापूर्ति योजनाएं, बिजली व्यवस्था और आजीविका परियोजनाओं की पुनर्स्थापना करना है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से पूरे प्रदेश में आपदा के बाद पुनर्वास के लिए एक सुदृढ़ और प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। यह परियोजना प्राकृतिक आपदाओं के बाद लोगों को शीघ्र राहत और मजबूत पुनर्वास सुविधा उपलब्ध करवाने में सहायक होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडी-एचपी परियोजना सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ “ग्रीन पंचायत” जैसी योजनाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करवाएगी। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा और बीमा व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने किसानों और बागवानों के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा विकसित करने पर भी जोर दिया, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उनकी फसलों और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में संजय गुप्ता, के.के. पंत, देवेश कुमार, वीरेन्द्र कुमार, राकेश कुमार प्रजापति, राज राघव शर्मा तथा सुरेन्द्र मालटू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।