मंडी-पधर हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध

rakesh nandan

02/06/2026

स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन मंडी ने मंडी-पधर राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर निर्माण कार्य में लगे भारी वाहनों की आवाजाही पर समयबद्ध प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार यह प्रतिबंध आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगा।

प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक मंडी शहर के खल्यार स्थित पेट्रोल पंप से लेकर भ्यूली क्षेत्र तक एनएच-154 के निर्माण कार्य में लगे भारी वाहनों, विशेष रूप से ट्रकों की आवाजाही स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय प्रतिबंधित रहेगी। यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा और यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

आदेशों के अनुसार प्रातः 7:45 बजे से 8:30 बजे तक तथा दोपहर बाद 2:30 बजे से 3:00 बजे तक निर्माण कार्य में लगे भारी वाहन इस मार्ग पर नहीं चल सकेंगे। इन निर्धारित समयावधियों के दौरान स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और अन्य आम नागरिकों को सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

एनएच-154 मंडी-पधर मार्ग क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्ग है। वर्तमान में इस मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग के उन्नयन और निर्माण कार्य जारी हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में भारी वाहन निर्माण सामग्री के परिवहन में लगे हुए हैं। ऐसे वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण कई बार यातायात प्रभावित होता है और स्कूल समय के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं सामने आती रही हैं।

प्रशासन ने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। अधिकारियों का मानना है कि स्कूल समय में भारी वाहनों की आवाजाही सीमित करने से सड़क पर भीड़ कम होगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी। इससे विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी।

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार ने स्थानीय पुलिस प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक तथा निर्माण कार्य कर रही कंपनी के परियोजना प्रबंधकों को आदेशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि आदेशों का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।

प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्य भी आवश्यक है और यातायात सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसलिए दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। निर्धारित समय के अलावा निर्माण कार्य से जुड़े भारी वाहन सामान्य रूप से अपनी गतिविधियां जारी रख सकेंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार सड़क निर्माण परियोजनाओं के दौरान भारी वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। यदि स्कूलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के निकट समयबद्ध नियंत्रण लागू किया जाए तो दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मंडी प्रशासन का यह निर्णय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि स्कूल समय के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही रुकने से बच्चों को सड़क पार करने और स्कूल पहुंचने में अधिक सुरक्षा मिलेगी। साथ ही शहर के भीतर यातायात दबाव भी कम होगा।

प्रशासन ने वाहन चालकों और निर्माण एजेंसियों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि निर्धारित समय के दौरान भारी वाहनों को वैकल्पिक रूप से रोककर रखा जाए और आदेशों का पूरी तरह पालन किया जाए। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है।

यह प्रतिबंध अगले आदेशों तक लागू रहेगा। प्रशासन समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करेगा और आवश्यकता के अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे। फिलहाल इस कदम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मंडी शहर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुचारू बनाना है।