ऊना में 15 जून को भूकंप-बादल फटने पर मेगा मॉक ड्रिल

rakesh nandan

02/06/2026

किसी भी प्राकृतिक या मानवजनित आपदा के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए बेहतर तैयारी और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बेहद आवश्यक होता है। इसी उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश में 15 जून 2026 को राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। इस व्यापक अभ्यास के तहत जिला ऊना में भी भूकंप, बादल फटने और वनाग्नि जैसी विभिन्न परिकल्पित आपदा परिस्थितियों के आधार पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा।

उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना के अध्यक्ष जतिन लाल ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) तथा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाली इस मेगा मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों तथा आपसी समन्वय की प्रभावशीलता का आकलन करना है।

इस संबंध में आयोजित ओरिएंटेशन एवं समन्वय सम्मेलन में उपायुक्त जतिन लाल ने एनआईसी ऊना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। सम्मेलन के दौरान एनडीएमए और एसडीएमए के वरिष्ठ अधिकारियों ने मेगा मॉक ड्रिल के संचालन, आपदा परिदृश्यों और विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही विभिन्न जिलों में की जा रही तैयारियों की समीक्षा भी की गई।

उपायुक्त ने बताया कि मेगा मॉक ड्रिल से पहले 12 जून को टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही ऊना जिले में मॉक ड्रिल के लिए चुने जाने वाले स्थलों और परिकल्पित आपदा परिस्थितियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं है, बल्कि वास्तविक आपदा की स्थिति में विभागों की कार्यक्षमता और प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी देरी और समन्वय की कमी के प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।

जतिन लाल ने बताया कि 15 जून को आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल के दौरान जिले के सभी उपमंडलों में अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न प्रकार की आपदा परिस्थितियों का सृजन किया जाएगा। प्रत्येक उपमंडल में एक अलग परिकल्पित आपदा परिदृश्य तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर राहत एवं बचाव गतिविधियों का अभ्यास किया जाएगा। इन स्थलों और परिदृश्यों का अंतिम चयन 12 जून को होने वाली टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान किया जाएगा।

मॉक ड्रिल के दौरान विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था, राहत कार्यों की गति और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का परीक्षण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिला आपदा प्रबंधन योजना की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन किया जाएगा ताकि भविष्य में आवश्यक सुधार किए जा सकें।

उपायुक्त ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ आम नागरिकों को भी जागरूक करने का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन और संबंधित एजेंसियों का सहयोग करें तथा आपदा सुरक्षा से जुड़ी सावधानियों को गंभीरता से समझें।

उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय इस अभ्यास में सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। जिला आपदा प्रबंधन योजना के अनुसार प्रत्येक विभाग को उसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मॉक ड्रिल के दौरान स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन, लोक निर्माण, खाद्य एवं आपूर्ति, राजस्व और अन्य विभाग अपने निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

इसके अलावा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक पूरे अभ्यास की निगरानी करेंगे और विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन करेंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आपदा प्रबंधन प्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक सुझाव दिए जाएंगे।

बैठक में सहायक आयुक्त विनय मोदी, एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, डीएसपी अजय ठाकुर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजीव शर्मा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग के.एस. ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मेगा मॉक ड्रिल ऊना जिले के लिए आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखने और मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी। इससे न केवल विभागों की कार्यक्षमता का परीक्षण होगा, बल्कि किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।