मंडी में बनेगा हिमाचल का पहला मैंगो क्लस्टर

rakesh nandan

02/06/2026

हिमाचल प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्यवर्धन (एचपी शिवा) परियोजना के तहत जिला मंडी के जागर क्षेत्र में राज्य का पहला मैंगो (आम) क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना से न केवल क्षेत्र के किसानों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है, बल्कि बागवानी आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

परियोजना के तहत लगभग 41 हेक्टेयर क्षेत्र में आम के बाग विकसित किए जाएंगे। आगामी वर्षा ऋतु के दौरान यहां उच्च गुणवत्ता वाली आम की उन्नत किस्मों के कुल 25,625 पौधे रोपे जाएंगे। यह पहल हिमाचल प्रदेश में उपोष्णकटिबंधीय फल उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

भूमि विकास कार्य के शुभारंभ अवसर पर बागवानी विभाग मंडी जोन के संयुक्त निदेशक डॉ. सुबोध शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि जागर क्षेत्र के किसानों ने जिस प्रकार सामूहिक सहभागिता और एकजुटता का परिचय दिया है, वह प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक बागवानी पद्धतियों को अपनाकर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

डॉ. सुबोध शर्मा ने कहा कि आज के समय में कृषि और बागवानी क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में एचपी शिवा जैसी परियोजनाएं किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जागर में स्थापित होने वाला मैंगो क्लस्टर भविष्य में क्षेत्र के किसानों के लिए समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया द्वार खोलेगा।

उप निदेशक बागवानी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि एचपी शिवा परियोजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों की ओर आकर्षित किया जा रहा है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।

उन्होंने बताया कि जागर मैंगो क्लस्टर में हाई-डेंसिटी प्लांटेशन तकनीक अपनाई जाएगी। इस आधुनिक तकनीक के तहत कम क्षेत्र में अधिक संख्या में पौधे लगाए जाते हैं, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ती है और किसानों को अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। इसके अलावा इस तकनीक से फलों की गुणवत्ता में भी सुधार होता है और बाजार में बेहतर मूल्य मिलने की संभावना रहती है।

डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत स्थापित होने वाला यह पहला मैंगो क्लस्टर है। यह परियोजना राज्य के फल उत्पादन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इसके सफल होने पर अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के क्लस्टर विकसित किए जा सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि क्लस्टर आधारित बागवानी मॉडल किसानों को सामूहिक रूप से उत्पादन, तकनीकी सहायता, विपणन और मूल्य संवर्धन की सुविधाएं प्रदान करता है। इससे उत्पादन लागत कम होती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है। जागर क्षेत्र में विकसित होने वाला यह मॉडल भविष्य में प्रदेश के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। पौधरोपण, रखरखाव, कटाई, पैकिंग और विपणन जैसे कार्यों में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

एचपी शिवा परियोजना प्रदेश सरकार की उन पहलों में शामिल है, जिनका उद्देश्य कृषि और बागवानी क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कार्य करना है। इस परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, मूल्य संवर्धन और विपणन व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

कार्यक्रम में नवनिर्वाचित बीडीसी सदस्य सौरभ गुलेरिया, पंचायत प्रधान फुला देवी, उपप्रधान जगदीश वर्मा, वार्ड सदस्य राधा रमन, गंगा राम, चंचला देवी और रीना सहित बागवानी विभाग के अधिकारी तथा स्थानीय बागवान उपस्थित रहे। सभी ने इस परियोजना को क्षेत्र के विकास और किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

जागर में शुरू हुआ हिमाचल प्रदेश का पहला मैंगो क्लस्टर राज्य में बागवानी क्षेत्र के विस्तार की नई शुरुआत माना जा रहा है। यदि यह परियोजना सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश उपोष्णकटिबंधीय फल उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकता है।