भूतपूर्व सैनिकों और वीर नारियों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने तथा पेंशन से जुड़े मामलों में कानूनी जानकारी उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से 4 जून को हमीरपुर के सैनिक विश्राम गृह में एक विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया जाएगा। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा करेंगे।
जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के उपनिदेशक स्क्वॉड्रन लीडर (सेवानिवृत्त) मनोज राणा ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर ठगी और ऑनलाइन वित्तीय अपराधों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में भूतपूर्व सैनिकों और वीर नारियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से यह विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शिविर में साइबर सुरक्षा और डिजिटल बैंकिंग के क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग लेंगे। ये विशेषज्ञ प्रतिभागियों को ऑनलाइन बैंकिंग के सुरक्षित उपयोग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई लेनदेन, एटीएम सुरक्षा और इंटरनेट पर व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने के उपायों के बारे में जानकारी देंगे।
विशेषज्ञ साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले नए तरीकों के बारे में भी विस्तार से बताएंगे। इसके अंतर्गत फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी, बैंक खाते की जानकारी प्राप्त करने के प्रयास, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया ठगी और डिजिटल भुगतान से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों से बचाव के उपाय समझाए जाएंगे। प्रतिभागियों को यह भी बताया जाएगा कि यदि वे किसी साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो तत्काल क्या कदम उठाने चाहिए।
शिविर का दूसरा महत्वपूर्ण विषय पेंशन संबंधी मामलों से जुड़ा होगा। कई भूतपूर्व सैनिक और उनके परिवार पेंशन से जुड़े विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक मुद्दों का सामना करते हैं। इन समस्याओं के समाधान और कानूनी अधिकारों की जानकारी प्रदान करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा।
मनोज राणा ने बताया कि इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की विधिक सेवाएं समिति के इम्पैनल्ड अधिवक्ता दीपक भट्ट विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। वे भूतपूर्व सैनिकों और वीर नारियों को पेंशन से संबंधित लंबित मामलों, कानूनी प्रक्रियाओं, अधिकारों तथा उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी देंगे।
अधिवक्ता दीपक भट्ट प्रतिभागियों को यह भी बताएंगे कि यदि किसी का पेंशन संबंधी मामला लंबे समय से लंबित है या किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना करना पड़ रहा है, तो उसे किस प्रकार कानूनी माध्यमों से हल किया जा सकता है। इससे लाभार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और उचित समाधान प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
जिला सैनिक कल्याण विभाग का मानना है कि भूतपूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने देश सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसलिए उनके हितों की सुरक्षा और उन्हें समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम उन्हें आधुनिक चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाते हैं।
आज के डिजिटल युग में अधिकांश वित्तीय सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित हो रही हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा की जानकारी होना बेहद जरूरी है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों को साइबर अपराधियों द्वारा निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसलिए इस वर्ग को जागरूक करना समय की आवश्यकता माना जा रहा है।
उपनिदेशक मनोज राणा ने जिला के सभी भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों से इस जागरूकता शिविर में भाग लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि शिविर में दी जाने वाली जानकारी न केवल उनकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगी बल्कि पेंशन से संबंधित समस्याओं के समाधान में भी सहायक होगी।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और अपनी व्यक्तिगत समस्याओं तथा शंकाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। इससे उन्हें व्यावहारिक और उपयोगी जानकारी हासिल होगी।
जिला सैनिक कल्याण कार्यालय को उम्मीद है कि यह जागरूकता शिविर भूतपूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा तथा उन्हें डिजिटल सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।