गुरसिमर सिंह की अध्यक्षता में मंडी जिले में रसोई गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता, वितरण प्रणाली और उपभोक्ताओं को हो रही समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिले में घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की नियमित निगरानी की जा रही है और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह है कि प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो और किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
📊 24 गैस एजेंसियों के माध्यम से आपूर्ति
अतिरिक्त उपायुक्त ने जानकारी दी कि मंडी जिले में कुल 24 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही गैस सिलेंडर की बुकिंग करवाएं, ताकि आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
⏳ बुकिंग के लिए तय समय सीमा
प्रशासन द्वारा गैस बुकिंग के लिए समय सीमा भी निर्धारित की गई है:
- शहरी क्षेत्रों में: 25 दिन बाद
- ग्रामीण क्षेत्रों में: 45 दिन बाद
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय सीमा का पालन करना आवश्यक है, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक गैस की समान रूप से उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
⚠️ इन क्षेत्रों से मिली शिकायतें
बैठक में बताया गया कि
- धर्मपुर
- सरकाघाट
- जोगिंदरनगर
क्षेत्रों से गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
इस पर अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों की गैस एजेंसियों को अतिरिक्त गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
🚚 वितरण व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश
एडीसी गुरसिमर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस सिलेंडरों का वितरण निर्धारित मार्ग योजना के अनुसार ही किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कुछ समय से गैस आपूर्ति नहीं पहुंची है, वहां प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाए जाएं।
🪪 पहचान सत्यापन अनिवार्य
अतिरिक्त उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपनी पहचान सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की है, वे इसे जल्द से जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि पहचान सत्यापन न होने की स्थिति में गैस आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो सकती है, इसलिए उपभोक्ताओं को इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेना चाहिए।
📦 वर्तमान गैस स्टॉक की स्थिति
बैठक में जिले में उपलब्ध गैस सिलेंडरों का आंकड़ा भी साझा किया गया:
- 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर: 3814
- 19 किलोग्राम व्यावसायिक सिलेंडर: 165
- 5 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर: 112
- 5 किलोग्राम व्यावसायिक सिलेंडर: 570
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में गैस की उपलब्धता बनी हुई है और उचित प्रबंधन से सभी उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
🤝 प्रशासन की अपील
अंत में अतिरिक्त उपायुक्त ने आमजन से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि यदि उपभोक्ता नियमों का पालन करेंगे, तो किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होगी।