ऊना में हिमाचल दिवस, रोहित ठाकुर ने फहराया तिरंगा

rakesh nandan

15/04/2026

हिमाचल दिवस के अवसर पर जिला ऊना में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्र) के मैदान में जिला स्तरीय समारोह बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड का निरीक्षण किया और भव्य मार्चपास्ट की सलामी ली।

समारोह की शुरुआत शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके उपरांत पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी, एनएसएस और स्काउट एंड गाइड्स की टुकड़ियों ने अनुशासन और देशभक्ति का शानदार प्रदर्शन किया। विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को और भी जीवंत बना दिया।

अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री ने हिमाचल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और विकास यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने डॉ. वाई.एस. परमार को नमन करते हुए स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश न केवल देवभूमि बल्कि वीरभूमि के रूप में भी देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

शिक्षा में अग्रणी हिमाचल

रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि राज्य की साक्षरता दर लगभग 99.30 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के सर्वेक्षण में हिमाचल ने शिक्षा गुणवत्ता के मामले में 21वें स्थान से छलांग लगाकर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।

सरकारी स्कूलों में सुधार

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सीबीएसई पैटर्न आधारित शिक्षा प्रणाली लागू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के पदों को भरा गया है। लगभग 850 प्रधानाचार्यों को पदोन्नति दी गई, जबकि महाविद्यालयों में 500 लेक्चरर और 484 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति की गई है।

चुनौतियों के बावजूद विकास जारी

रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार को भारी आर्थिक चुनौतियों और प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन विकास कार्यों को रुकने नहीं दिया गया। वर्ष 2023 और 2025 में आई आपदाओं के बावजूद सरकार ने मजबूत निर्णय लेकर विकास को गति दी।

कर्मचारियों और किसानों को राहत

उन्होंने कहा कि सरकार ने 1.36 लाख कर्मचारियों को महंगाई भत्ता प्रदान किया और पुरानी पेंशन योजना लागू कर राहत दी। किसानों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है। मक्का, गेहूं और हल्दी के समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा दूध के समर्थन मूल्य को बढ़ाकर गाय के दूध के लिए 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है, जिससे डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।

ऊना में विकास योजनाएं

उन्होंने बताया कि ऊना में 20 करोड़ रुपये की लागत से आलू प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को भी प्राथमिकता दे रही है और मेडिकल कॉलेजों तथा जिला अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 3 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

पर्यटन को बढ़ावा

शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में पर्यटन और रोजगार को नया आयाम मिलेगा।

झांकियां और सम्मान समारोह

समारोह के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा विकास योजनाओं और उपलब्धियों को दर्शाती आकर्षक झांकियां निकाली गईं। शिक्षा मंत्री ने इन झांकियों का अवलोकन किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों तथा पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया। इसके अलावा मार्चपास्ट में भाग लेने वाली विभिन्न टुकड़ियों और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। हिमाचल दिवस का यह समारोह प्रदेश की एकता, विकास और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें जनभागीदारी और उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला।