भारत की आगामी जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से इस बार स्वगणना की सुविधा शुरू की गई है। जिला हमीरपुर में भी जनगणना के तहत नागरिकों को स्वयं अपना डेटा ऑनलाइन दर्ज करने का अवसर दिया गया है। उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ ने सभी जिलावासियों से अपील की है कि वे 15 जून तक स्वगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं भरकर इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि इस बार जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में आयोजित की जा रही है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से जनगणना कार्य को अधिक सटीक, पारदर्शी और कम समय में पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नागरिकों की भागीदारी इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि जिला हमीरपुर में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण के तहत 16 जून से 15 जुलाई तक मकानों का सूचीकरण और मकान गणना का कार्य किया जाएगा। इसके लिए नियुक्त प्रगणक घर-घर जाकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। इसके बाद अगले वर्ष वास्तविक जनगणना का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए स्वगणना पोर्टल उपलब्ध करवाया गया है। यह पोर्टल 1 जून से 15 जून तक खुला रहेगा। इस अवधि के दौरान परिवार के मुखिया या अन्य सदस्य अपने घर, भवन और परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। यह प्रक्रिया कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल फोन के माध्यम से आसानी से पूरी की जा सकती है।
गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि स्वगणना की ऑनलाइन प्रक्रिया बेहद सरल है और इसे कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकता है। एक बार जानकारी सफलतापूर्वक दर्ज होने के बाद संबंधित व्यक्ति को एक यूनिक आईडी नंबर प्राप्त होगा। यह आईडी भविष्य की जनगणना प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि वे इस आईडी को अपने मोबाइल या अन्य सुरक्षित माध्यम में सुरक्षित रखें। जब 16 जून से 15 जुलाई के बीच प्रगणक मकान सूचीकरण के लिए उनके घर पहुंचेंगे, तब यह आईडी उन्हें दिखानी होगी। इससे प्रगणकों को पहले से दर्ज जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी और पूरी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
कार्यशाला के दौरान जनगणना निदेशालय शिमला द्वारा नियुक्त जिला नोडल अधिकारी अजय सोलंकी ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, पत्रकारों और अन्य प्रतिभागियों को स्वगणना पोर्टल के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने चरणबद्ध तरीके से बताया कि किस प्रकार पोर्टल पर लॉगिन कर आवश्यक जानकारी दर्ज की जा सकती है।
अजय सोलंकी ने कार्यशाला में मौजूद प्रतिभागियों से मौके पर ही ऑनलाइन डेटा अपलोड करवाया और सफल पंजीकरण के बाद आईडी भी जनरेट करवाई। इससे उपस्थित लोगों को स्वगणना प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।
उपायुक्त ने कहा कि जनगणना किसी भी देश के विकास की आधारशिला होती है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न योजनाएं तैयार करती है और संसाधनों का उचित वितरण सुनिश्चित करती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सही और सटीक जानकारी उपलब्ध करवाए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल जनगणना व्यवस्था से आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार होगा और डेटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। इससे प्रशासन को भी विकास योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध होंगे।
कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक गर्ग, एसडीएम संजीत सिंह, सहायक आयुक्त चिराग शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे 15 जून से पहले स्वगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से जनगणना प्रक्रिया अधिक सुगम और प्रभावी बनेगी। इसलिए सभी परिवारों से समय रहते ऑनलाइन स्वगणना पूरी करने का आग्रह किया गया है।