अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के अंतर्गत साहित्य, भाषा और संस्कृति को समर्पित कई महत्वपूर्ण साहित्यिक आयोजनों का आयोजन किया जाएगा। गेयटी थिएटर सभागार में आयोजित होने वाले हिंदी कवि सम्मेलन, पहाड़ी कवि सम्मेलन और श्यामला मुशायरे में प्रदेश तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिष्ठित कवि और शायर अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और साहित्य प्रेमियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।
अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव समिति ने साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों से इन आयोजनों में भाग लेने की अपील की है। समिति का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम भाषा, संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हिंदी कवि सम्मेलन का प्रथम सत्र 8 जून 2026 को प्रातः 10:30 बजे गेयटी थिएटर सभागार में आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में प्रदेश के विभिन्न जिलों के वरिष्ठ और युवा कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। कार्यक्रम में डॉ. ओम प्रकाश सरस्वत, डॉ. रेखा वशिष्ठ, प्रो. मीनाक्षी एफ. पॉल, डॉ. सत्यनारायण स्नेही, जगदीश बाली, अजय, गणेश गणी, रोशन जस्वाल, डॉ. राजन तनवर और प्रदीप सैनी सहित अनेक साहित्यकार शामिल होंगे। इनके अलावा कई अन्य प्रतिष्ठित कवि भी अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्यिक वातावरण को समृद्ध करेंगे।
हिंदी कवि सम्मेलन का दूसरा सत्र उसी दिन दोपहर 2 बजे आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में के.आर. भारती, आत्मा रंजन, डॉ. दिनेश कंवर, कुमाराजीव पंत, मोहन साहिल, वीरेन्द्र शर्मा, रत्न चंद निर्झर, अनीता शर्मा और अन्य प्रमुख कवि भाग लेंगे। यह सत्र समकालीन हिंदी कविता, सामाजिक सरोकारों और साहित्यिक अभिव्यक्तियों का विशेष आकर्षण रहेगा।
ग्रीष्मोत्सव के साहित्यिक आयोजनों में पहाड़ी भाषा और संस्कृति को भी विशेष स्थान दिया गया है। 9 जून 2026 को प्रातः 10 बजे गेयटी थिएटर सभागार में पहाड़ी कवि सम्मेलन आयोजित होगा। इस सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश की विभिन्न बोलियों और लोक साहित्य से जुड़े रचनाकार अपनी कविताओं का पाठ करेंगे। कार्यक्रम में डॉ. ओ.पी. शर्मा, डॉ. मस्तराम शर्मा, डॉ. सूरत ठाकुर, डॉ. कर्म सिंह, डॉ. शंकर वशिष्ठ, त्रिलोक सूर्यवंशी और अन्य साहित्यकार भाग लेंगे।
पहाड़ी कवि सम्मेलन का उद्देश्य हिमाचल की लोक भाषाओं, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक साहित्य को बढ़ावा देना है। इस मंच के माध्यम से स्थानीय भाषा में सृजन करने वाले कवियों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास भी किया जाएगा।
साहित्यिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में श्यामला मुशायरा भी प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसका आयोजन 10 जून 2026 को दोपहर 2 बजे गेयटी सभागार में किया जाएगा। मुशायरे में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित प्रतिष्ठित शायर अपनी ग़ज़लों और नज़्मों के माध्यम से श्रोताओं को साहित्यिक आनंद प्रदान करेंगे।
मुशायरे में द्विजेन्द्र द्विज, रमेश डाढवाल, कुलदीप गर्ग तरुण, अनन्त आलोक, विकास राणा, रजनीश्वर चौहान, जावेद उल्फत, जाहिद अबरोल और अन्य प्रसिद्ध शायर अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। यह आयोजन उर्दू और हिंदी शायरी के प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव केवल मनोरंजन का मंच नहीं है, बल्कि यह हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। साहित्यिक कार्यक्रमों के माध्यम से भाषा, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहन मिलता है तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है।
समिति ने सभी साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों से इन आयोजनों में भाग लेने का आग्रह किया है, ताकि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध साहित्यिक धरोहर को आगे बढ़ाने और संरक्षित करने के प्रयासों को मजबूती मिल सके। गेयटी थिएटर में आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 की प्रमुख सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल रहेंगे।