विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर हमीरपुर स्थित गौतम कॉलेज ऑफ फार्मेसी में “मानवता को जीवित रखना” थीम के तहत एक दिवसीय सीपीआर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों के प्रति जागरूक करना और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के सचिव डॉ. रजनीश गौतम तथा प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय कुमार के स्वागत के साथ हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने विश्व रेडक्रॉस दिवस के महत्व पर चर्चा की।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता मुनीश पाठक ने छात्रों को ‘कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन’ (CPR) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हृदय गति रुकने जैसी आपातकालीन स्थितियों में समय पर सीपीआर देने से किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने छात्रों को सीपीआर की प्रायोगिक प्रक्रिया का प्रदर्शन कर प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि आपातकालीन स्थिति में घबराने के बजाय सही तकनीक और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है।
मुनीश पाठक ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तुरंत सीपीआर दिया जाए तो उसके जीवित बचने की संभावना दोगुनी हो जाती है। उन्होंने छात्रों को प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक तकनीकों के महत्व को समझने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सीपीआर तकनीक का अभ्यास भी किया और विशेषज्ञों से विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से जुड़े सवाल पूछे। कार्यशाला में छात्रों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
अंत में डॉ. दर्श गौतम ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे सीखे गए कौशलों का उपयोग मानवता की सेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए करें।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा, आपातकालीन सहायता और सामाजिक सेवा के महत्व का संदेश दिया गया।