आम नागरिकों को न्याय तक आसान और समान पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं के तहत बच्चों, दिव्यांगजनों और अन्य जरूरतमंद वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। जिला विधिक सेवाएं समिति हमीरपुर के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी Kuldeep Sharma कुलदीप शर्मा ने लोगों से इन सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि नालसा का मुख्य उद्देश्य आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को न्यायिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि किसी भी व्यक्ति को केवल आर्थिक अभाव के कारण न्याय से वंचित न रहना पड़े। इसके लिए मुफ्त कानूनी सहायता योजना देशभर में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है।
बच्चों के लिए विशेष योजना
कुलदीप शर्मा ने बताया कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उन्हें न्यायिक सहायता प्रदान करने के लिए Child Friendly Legal Services for Children Scheme 2024 “चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज फॉर चिल्ड्रन स्कीम-2024” आरंभ की गई है।
इस योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है। बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन मिले।
योजना के अंतर्गत बच्चों को सूचना प्राप्त करने का अधिकार, अपनी बात रखने का अधिकार, उनके विचारों को गंभीरता से सुने जाने का अधिकार, गरिमा एवं सम्मान के साथ व्यवहार किए जाने का अधिकार तथा गोपनीयता का अधिकार प्रदान किया गया है।
बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर
अधिकारियों के अनुसार कई बार बच्चे कानूनी प्रक्रियाओं और अपने अधिकारों के बारे में जानकारी के अभाव में उचित सहायता प्राप्त नहीं कर पाते। इस योजना का उद्देश्य बच्चों को न्यायिक व्यवस्था के प्रति अधिक संवेदनशील और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना है।
विशेष रूप से बाल संरक्षण, बाल श्रम, बाल विवाह, शोषण, हिंसा और अन्य संवेदनशील मामलों में बच्चों को कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुफ्त कानूनी सहायता के लिए हेल्पलाइन
कुलदीप शर्मा ने बताया कि नालसा द्वारा मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 शुरू किया गया है। इस नंबर पर संपर्क कर पात्र व्यक्ति कानूनी सलाह, सहायता और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त बच्चों से संबंधित मामलों में राष्ट्रीय चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 भी उपलब्ध है। यह हेल्पलाइन संकटग्रस्त बच्चों को त्वरित सहायता और संरक्षण प्रदान करने के लिए कार्य करती है।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा
दिव्यांग व्यक्तियों को कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 14456 भी शुरू किया गया है। इसके माध्यम से दिव्यांगजन अपने अधिकारों, कानूनी समस्याओं और सहायता सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
जिला विधिक सेवाएं समिति का मानना है कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए समाज के कमजोर वर्गों को विशेष सहयोग उपलब्ध कराना आवश्यक है।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से भी कर सकते हैं संपर्क
कुलदीप शर्मा ने बताया कि जिला स्तर पर भी जरूरतमंद लोग कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर के दूरभाष नंबर 01972-224399 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा ईमेल के माध्यम से भी सहायता प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता के लिए प्रशिक्षित पैनल अधिवक्ता तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स नियुक्त किए जाते हैं, जो कानूनी परामर्श देने के साथ-साथ आवश्यक मामलों में न्यायालयों में सहायता भी प्रदान करते हैं।
न्याय सभी के लिए सुलभ बनाना लक्ष्य
जिला विधिक सेवाएं समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज का कोई भी पात्र व्यक्ति केवल आर्थिक, सामाजिक या अन्य कारणों से न्याय से वंचित न रहे। नालसा की विभिन्न योजनाएं इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर संचालित की जा रही हैं।
कुलदीप शर्मा ने कहा कि महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्गों तथा अन्य पात्र नागरिकों को इन योजनाओं का लाभ अवश्य उठाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता की आवश्यकता हो तो वे निःसंकोच जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से संपर्क करें।