सिरमौर की पंचायत समितियों हेतु पीठासीन अधिकारी नियुक्त

rakesh nandan

04/06/2026

जिला सिरमौर में हाल ही में निर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह तथा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए जिला प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त Priyanka Verma प्रियंका वर्मा ने जिले की आठ पंचायत समितियों के लिए पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार संबंधित उपमंडल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को पंचायत समितियों में शपथ ग्रहण प्रक्रिया के संचालन के साथ-साथ अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों के निर्वाचन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और विधिसम्मत ढंग से संपन्न हो।

आठ पंचायत समितियों के लिए नियुक्त किए गए अधिकारी

उपायुक्त द्वारा जारी आदेशों के अनुसार पंचायत समिति नाहन के लिए उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) नाहन को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार पंचायत समिति पांवटा साहिब के लिए उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) पांवटा साहिब को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमरऊ स्थित तिलोरधार पंचायत समिति के लिए उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) कफोटा को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है, जबकि पंचायत समिति शिलाई में यह दायित्व उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) शिलाई निभाएंगे। पंचायत समिति पच्छाद के लिए उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) पच्छाद, पंचायत समिति राजगढ़ के लिए उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) राजगढ़ तथा पंचायत समिति संगड़ाह के लिए उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) संगड़ाह को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त पंचायत समिति ददाहू के लिए तहसीलदार ददाहू को पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

शपथ ग्रहण और निर्वाचन प्रक्रिया होगी संपन्न

नियुक्त पीठासीन अधिकारी पंचायत समिति के नवनिर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने के साथ-साथ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया का संचालन करेंगे। पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत समितियां ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और पंचायतों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

खंड विकास अधिकारियों को दिए गए निर्देश

उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने आदेशों में स्पष्ट किया है कि संबंधित पंचायत समितियों के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) शपथ ग्रहण और निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान पीठासीन अधिकारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। खंड विकास अधिकारियों को बैठक व्यवस्था, निर्वाचन सामग्री, अभिलेखों की उपलब्धता तथा अन्य प्रशासनिक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप बिना किसी व्यवधान के पूरी हो सके।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मिलेगा बल

जिला प्रशासन का मानना है कि पंचायत समिति स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण और नेतृत्व का चुनाव ग्रामीण लोकतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने और विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार पंचायत समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए इन संस्थाओं का प्रभावी नेतृत्व ग्रामीण विकास के लिए आवश्यक माना जाता है।

प्रशासन ने निष्पक्ष प्रक्रिया पर दिया जोर

जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न करवाई जाए। इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने उम्मीद जताई है कि नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सक्रिय योगदान देंगे तथा पंचायत राज संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाएंगे।