विवाह अनुदान योजना से अक्षय की शादी बनी आसान

rakesh nandan

04/06/2026

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की विवाह अनुदान योजना श्रमिक परिवारों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। सीमित आय और आर्थिक चुनौतियों के बीच जीवन यापन करने वाले श्रमिकों को यह योजना सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। जिला हमीरपुर के सुजानपुर उपमंडल के गांव मयाणा निवासी अक्षय कुमार की कहानी इस योजना की उपयोगिता का जीवंत उदाहरण है।

एक सामान्य श्रमिक परिवार से संबंध रखने वाले अक्षय कुमार के लिए विवाह का खर्च जुटाना आसान नहीं था। उनकी माता का पहले ही निधन हो चुका था और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक उनके कंधों पर थी। उनके पिता गगन सिंह छोटी सी पुश्तैनी भूमि पर खेती-बाड़ी करके परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। ऐसे में विवाह जैसे बड़े सामाजिक आयोजन का खर्च उठाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।

अक्षय कुमार पिछले लगभग चार वर्षों से SJVN Limited की निर्माणाधीन धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना में श्रमिक के रूप में कार्य कर रहे थे। इसी दौरान उनके विवाह की चर्चा शुरू हुई, लेकिन सीमित आय के कारण विवाह की तैयारियों को लेकर परिवार चिंतित था।

बोर्ड की योजना बनी सहारा

अक्षय कुमार हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिक थे। जब उन्हें बोर्ड की विवाह अनुदान योजना की जानकारी मिली तो उनकी उम्मीदें बढ़ गईं। योजना के तहत पात्र श्रमिकों और उनके परिवारों को विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

योजना का लाभ मिलने के बाद अक्षय कुमार और उनके परिवार ने विवाह की तैयारियां शुरू कीं। विवाह संपन्न होने के बाद उन्हें बोर्ड की ओर से 51 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग ने विवाह के खर्चों का बोझ काफी हद तक कम कर दिया और परिवार को बड़ी राहत मिली।

अक्षय कुमार का विवाह कोमल के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। आज दोनों खुशहाल वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं और अक्षय इस सहायता के लिए प्रदेश सरकार तथा कामगार कल्याण बोर्ड का आभार व्यक्त करते हैं।

श्रमिकों के लिए वरदान हैं 13 कल्याणकारी योजनाएं

अक्षय कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही हैं।

बोर्ड केवल विवाह अनुदान ही नहीं देता, बल्कि मकान निर्माण, चिकित्सा सहायता, बच्चों की शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, मातृत्व सहायता, पेंशन, दिव्यांगता सहायता, मृत्यु सहायता और अन्य कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से भी श्रमिकों को सहयोग प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर होता है और जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर वित्तीय सहायता की आवश्यकता महसूस करता है। ऐसे समय में बोर्ड की योजनाएं परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित होती हैं।

जीवन के हर चरण में सहायता

कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाएं श्रमिकों के जीवन के लगभग हर महत्वपूर्ण चरण को कवर करती हैं। बच्चे के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, कौशल विकास, विवाह, चिकित्सा उपचार और वृद्धावस्था तक विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।

किसी भी आपात स्थिति, बीमारी या दुर्घटना की अवस्था में भी बोर्ड आर्थिक सहयोग प्रदान करता है, जिससे श्रमिक परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने में मदद मिलती है।

करोड़ों रुपये की सहायता

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष Narinder Singh Thakur नरदेव सिंह ठाकुर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान केवल हमीरपुर जिले में ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों को 7.47 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रदेशभर के पंजीकृत श्रमिकों के कल्याण के लिए 211.47 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट स्वीकृत किया गया है। इस बजट के माध्यम से हजारों पात्र श्रमिकों और उनके परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा।

सामाजिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम

विवाह अनुदान योजना जैसे प्रयास यह साबित करते हैं कि सरकार श्रमिक वर्ग के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। अक्षय कुमार जैसे अनेक श्रमिकों के लिए यह योजना न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि सम्मान और सुरक्षा की भावना भी प्रदान करती है।

सरकार और कामगार कल्याण बोर्ड की इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिक परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और अपने परिवार के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।