मंडी जिले की ग्राम पंचायत लोहारडी ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पंचायत ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा निर्धारित क्लीन एंड ग्रीन पंचायत श्रेणी में पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के लिए पंचायत को 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है।
नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पंचायत की ओर से जिला पंचायत अधिकारी Anchit Dogra अंचित डोगरा तथा पंचायत सचिव Rajat Sharma रजत शर्मा ने यह सम्मान ग्रहण किया।
इस उपलब्धि पर उपायुक्त Apoorv Devgan अपूर्व देवगन ने पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और पंचायत क्षेत्र के सभी नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल लोहारडी पंचायत की नहीं, बल्कि पूरे मंडी जिले और हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
स्वच्छता और हरित विकास में बनाया मॉडल
उपायुक्त ने बताया कि केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय पंचायतों के समग्र विकास के लिए नौ प्रमुख मानदंडों पर मूल्यांकन करता है। इन्हीं में से एक क्लीन एंड ग्रीन पंचायत श्रेणी में लोहारडी पंचायत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया।
पंचायत ने स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। प्लास्टिक कचरे के संग्रहण और निस्तारण के लिए विशेष व्यवस्था बनाई गई है। पंचायत ने प्लास्टिक कचरा एकत्रित करने के लिए एक व्यक्ति को नियुक्त किया है, जो नियमित रूप से कचरे को एकत्र कर उसके वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करता है।
इसके अतिरिक्त प्लास्टिक कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करने के लिए एक विशेष शेड का निर्माण भी किया गया है, जिससे कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान
लोहारडी पंचायत ने हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान भी चलाया है। पंचायत क्षेत्र में हजारों पौधे लगाए गए हैं और स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया है।
पंचायत द्वारा लोगों को अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। परिणामस्वरूप क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ा है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
आधुनिक सुविधाओं का विकास
पंचायत ने केवल स्वच्छता और पौधारोपण तक ही अपने प्रयास सीमित नहीं रखे, बल्कि ग्रामीण विकास के अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
क्षेत्र में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था विकसित की गई है। इसके साथ ही कूहलों के संरक्षण, स्वच्छ पेयजल उपलब्धता, स्वच्छ ईंधन के उपयोग तथा शौचालयों के निर्माण और उपयोग को बढ़ावा दिया गया है।
जल संरक्षण की दिशा में पंचायत ने अमृत सरोवर का निर्माण भी करवाया है, जो जल संचयन और भूजल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
महिलाओं और युवाओं की रही महत्वपूर्ण भूमिका
उपायुक्त ने बताया कि पंचायत की इस सफलता में स्थानीय समुदाय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों ने इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई।
विशेष रूप से महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्वयं सहायता समूहों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लोहारडी, धार और बनौण महिला मंडलों की महिलाएं नियमित रूप से घर-घर जाकर लोगों को कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रही हैं। यही सामुदायिक सहभागिता पंचायत की सफलता का सबसे बड़ा आधार बनी।
2021 में बनी थी पंचायत
ग्राम पंचायत लोहारडी, विकास खंड बल्ह में स्थित है और प्रसिद्ध Maa Murari Mata Temple माँ मुरारी माता मंदिर के निकट स्थित है।
यह पंचायत वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत हल्यतार से अलग होकर अस्तित्व में आई थी। वर्तमान में इसकी जनसंख्या लगभग 1500 है तथा पंचायत में कुल पांच वार्ड शामिल हैं।
अन्य पंचायतों के लिए बनी प्रेरणा
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि लोहारडी पंचायत ने अपने उत्कृष्ट कार्यों से न केवल स्वयं को विकसित किया है, बल्कि आसपास की पंचायतों को भी स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा कि पंचायत द्वारा अपनाई गई दीर्घकालिक अपशिष्ट प्रबंधन योजना, जल संरक्षण उपाय, पौधारोपण अभियान और समुदाय आधारित विकास मॉडल अन्य पंचायतों के लिए भी उदाहरण बन सकते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान दर्शाता है कि यदि स्थानीय समुदाय, पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।