हमीरपुर जिले में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 12 जून को उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित बचत भवन में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों और आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।
अतिरिक्त उपायुक्त Abhishek Kumar Garg अभिषेक कुमार गर्ग ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन ‘नशामुक्त हिमाचल’ अभियान के तहत किया जा रहा है। इसमें जिले के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी भाग लेंगे और नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता का संदेश देंगे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उपायुक्त Gandharva Rathore गंधर्वा राठौड़ का विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद होगा। इस दौरान उपायुक्त बच्चों से नशे के दुष्प्रभावों, इसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान तथा युवाओं की भूमिका पर चर्चा करेंगी।
विद्यार्थियों को दी जाएगी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया जाएगा कि नशे की लत किस प्रकार व्यक्ति, परिवार और समाज को प्रभावित करती है। विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
बच्चों को यह भी समझाया जाएगा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसके भविष्य, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। युवाओं को खेल, शिक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियों और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
भाषण, पोस्टर और नारा लेखन प्रतियोगिताएं
नशामुक्त हिमाचल अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।
स्कूली छात्र-छात्राएं भाषण प्रतियोगिता, पोस्टर निर्माण और नारा लेखन के माध्यम से नशे के खिलाफ अपना संदेश प्रस्तुत करेंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और उन्हें जागरूकता अभियान का सक्रिय भागीदार बनाना है।
पोस्टरों और नारों के माध्यम से युवा पीढ़ी समाज को यह संदेश देगी कि स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य के लिए नशे से दूरी बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
युवाओं की भूमिका पर रहेगा विशेष फोकस
प्रशासन का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि छात्र जीवन से ही बच्चों में सही मूल्यों और स्वस्थ आदतों का विकास किया जाए तो भविष्य में नशे जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने और अपने परिवार तथा समाज में भी नशामुक्ति का संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
विभागों को दिए गए आवश्यक निर्देश
एडीसी अभिषेक कुमार गर्ग ने बताया कि कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने कहा कि नशामुक्त हिमाचल अभियान केवल सरकारी पहल नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से सफल होने वाला जन-अभियान है। इसके लिए विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों का सहयोग आवश्यक है।
नशामुक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को नशे के खतरे से अवगत कराने और उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि युवा वर्ग नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में अपनी ऊर्जा लगाए तथा समाज के विकास में योगदान दे।
12 जून को आयोजित होने वाला यह जागरूकता कार्यक्रम नशामुक्त हिमाचल के संकल्प को मजबूत करने और नई पीढ़ी को सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य की दिशा में प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।