बाल विकास परियोजना धर्मपुर के अंतर्गत पोषण पखवाड़ा के अवसर पर चोलथरा और जमसाई सर्कल में दो ब्लॉक स्तरीय जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों की अध्यक्षता धनी राम ने की। इस अवसर पर उन्होंने “सही पोषण–देश रोशन” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया और कुपोषण जैसी गंभीर समस्या को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
🍎 पोषण और स्वास्थ्य पर दी गई जानकारी
शिविरों के दौरान समुदाय को संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
विशेष रूप से निम्न विषयों पर विस्तार से जागरूक किया गया:
- 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास
- मातृ एवं शिशु पोषण
- एनीमिया की रोकथाम
- गर्भवती और धात्री महिलाओं की देखभाल
- प्रारंभिक बाल्यावस्था में मस्तिष्क विकास
इसके साथ ही बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम के दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई, जो आज के समय में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनता जा रहा है।
📅 9 से 23 अप्रैल तक चल रहा अभियान
बाल विकास परियोजना अधिकारी ने बताया कि पोषण पखवाड़ा 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक पूरे धर्मपुर परियोजना क्षेत्र में मनाया जा रहा है। इस अभियान में क्षेत्र के सभी 261 आंगनवाड़ी केंद्र सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं और उनका विवरण जन आंदोलन डैशबोर्ड पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे कार्यक्रम की निगरानी प्रभावी ढंग से हो सके।
🍲 स्थानीय व्यंजनों का प्रदर्शन
शिविरों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषण युक्त व्यंजनों का प्रदर्शन भी किया। इसका उद्देश्य यह था कि लोगों को यह बताया जा सके कि सीमित संसाधनों में भी संतुलित और पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने स्वयं तैयार शिक्षण-अधिगम सामग्री का प्रदर्शन किया, जिससे बच्चों के शुरुआती विकास और शिक्षा को सरल और प्रभावी बनाया जा सके।
🧠 जागरूकता ही समाधान
धनी राम ने कहा कि कुपोषण केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को शुरुआती अवस्था में सही पोषण नहीं मिलता, तो इसका असर उनके पूरे जीवन पर पड़ता है। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को इस दिशा में जागरूक होना जरूरी है।
🤝 सामूहिक प्रयासों की जरूरत
उन्होंने जोर देकर कहा कि कुपोषण को खत्म करने के लिए केवल सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसमें समुदाय की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। माता-पिता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों को मिलकर इस दिशा में कार्य करना होगा।
👩⚕️ स्वास्थ्य विभाग की भागीदारी
शिविरों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी सक्रिय भागीदारी रही।
इस दौरान
- दीक्षा ठाकुर (सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी)
- स्मृति राणा (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता)
- गौरव राठौर (पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता)
सहित अन्य अधिकारियों ने भी उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
🌍 समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल
इन शिविरों के माध्यम से न केवल लोगों को पोषण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया, बल्कि उन्हें व्यवहारिक तरीके भी सिखाए गए, जिन्हें वे अपने दैनिक जीवन में अपनाकर बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त कर सकते हैं। रोटरी क्लब के सदस्यों और स्थानीय प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया।