कामगार कल्याण बोर्ड से श्रमिकों को मिली राहत

rakesh nandan

20/04/2026

हिमाचल प्रदेश में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाएं अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगी हैं। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। इसी कड़ी में जिला शिमला के धामी क्षेत्र की रहने वाली मुनीश शर्मा को उनके विवाह के लिए बोर्ड की ओर से 51 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

आर्थिक सहायता से मिली राहत

मुनीश शर्मा ने बताया कि इस सहायता राशि से शादी के खर्च का बोझ काफी हद तक कम हुआ है। उन्होंने इसके लिए सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं से श्रमिक परिवारों को वास्तविक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहले आर्थिक तंगी के कारण शादी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में काफी मुश्किलें आती थीं, लेकिन अब इस तरह की सहायता योजनाएं बड़ी मदद साबित हो रही हैं।

उपायुक्त ने की अपील

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि बोर्ड के माध्यम से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं और सभी पात्र श्रमिकों को इनका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे समय पर अपना पंजीकरण करवाएं, ताकि उन्हें सरकार की इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उपायुक्त ने कहा कि इन योजनाओं से न केवल श्रमिकों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

लाखों की सहायता वितरित

श्रम कल्याण अधिकारी श्रेय शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिमला जोन में अब तक 98 लाभार्थियों को कुल 50 लाख 84 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों और उनके आश्रितों के लिए कई योजनाएं लागू हैं, जिनका लाभ लगातार लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

श्रमिकों के लिए अनेक योजनाएं

कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा श्रमिकों के हित में कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • स्वास्थ्य सहायता
  • शिक्षा सहायता
  • पेंशन योजनाएं
  • मातृत्व सहायता
  • उपकरण सहायता
  • विवाह सहायता

इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

बोर्ड का गठन और उद्देश्य

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड का गठन 2 मार्च 2009 को किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। निर्माण कार्यों में शामिल गतिविधियों में भवन निर्माण, सड़क निर्माण, सिंचाई, जल निकासी, बांध, पुल, सुरंग, पाइपलाइन और विद्युत परियोजनाएं शामिल हैं। इन सभी कार्यों में लगे श्रमिक इस बोर्ड में पंजीकरण करवा सकते हैं।

आसान पंजीकरण प्रक्रिया

पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक श्रमिक इसका लाभ उठा सकें।

इसके तहत:

  • आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए
  • पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन कार्य किया हो

आवश्यक दस्तावेज:

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • आयु प्रमाण पत्र

श्रमिक संबंधित जिला श्रम कल्याण अधिकारी कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध

अब श्रमिक ऑनलाइन माध्यम से भी पंजीकरण और नवीनीकरण कर सकते हैं। यह डिजिटल प्रक्रिया पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ समय की बचत भी करती है। यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान के अनुरूप है और इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिकों को भी आसानी से योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है।