जनगणना-2027: प्रगणकों और सुपरवाइजरों को दिया प्रशिक्षण

rakesh nandan

05/06/2026

जनगणना-2027 के पहले चरण के लिए प्रगणकों और सुपरवाइजरों को दिया गया प्रशिक्षण

हमीरपुर। जनगणना-2027 के पहले चरण के अंतर्गत 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित किए जाने वाले मकानों के सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य की तैयारियों को लेकर यहां पुराने गर्ल्स स्कूल परिसर में प्रगणकों और सुपरवाइजरों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल प्रणाली, डेटा संग्रहण प्रक्रिया तथा मकान सूचीकरण संबंधी दिशा-निर्देशों से अवगत कराना था।

कार्यशाला के समापन अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी नरेश कुमार पटियाल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जनगणना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है क्योंकि इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की आधारशिला बनते हैं।

उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त जानकारी का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्माण में किया जाता है। इसलिए इस कार्य में सटीकता और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

नरेश कुमार पटियाल ने सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर सही और प्रमाणिक जानकारी एकत्रित करें तथा उसे निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन प्रणाली में अपलोड करें। उन्होंने कहा कि जनगणना का प्रत्येक आंकड़ा भविष्य की योजनाओं और संसाधनों के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से डेटा संग्रहण और प्रबंधन अधिक पारदर्शी, तेज और सटीक होगा। इससे कागजी कार्यवाही में कमी आएगी और आंकड़ों के विश्लेषण में भी सुविधा मिलेगी।

जिला राजस्व अधिकारी ने कहा कि जनगणना-2027 में नागरिकों को भी सक्रिय भागीदारी का अवसर दिया गया है। इसके तहत लोगों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वगणना पोर्टल se.census.gov.in शुरू किया गया है।

उन्होंने बताया कि यह पोर्टल 1 जून से 15 जून 2026 तक खुला रहेगा। इस अवधि के दौरान परिवारों के मुखिया या परिवार के अन्य सदस्य अपने मकानों और भवनों से संबंधित जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इससे जनगणना प्रक्रिया अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी।

पटियाल ने बताया कि स्वगणना की प्रक्रिया बेहद आसान है और इसे कुछ ही मिनटों में पूरा किया जा सकता है। नागरिकों को केवल निर्धारित विवरण भरना होगा, जिसके बाद सिस्टम एक विशिष्ट आईडी (Unique ID) जनरेट करेगा। यह आईडी भविष्य में जनगणना सत्यापन के लिए उपयोग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि 16 जून से 15 जुलाई के बीच जब प्रगणक मकानों के सूचीकरण और गणना के लिए घर-घर जाएंगे, तब स्वगणना कर चुके परिवार इस आईडी को दिखाकर अपनी गणना प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करवा सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी।

कार्यशाला में प्रगणकों और सुपरवाइजरों को डिजिटल उपकरणों के उपयोग, ऑनलाइन डेटा एंट्री, मकान सूचीकरण की प्रक्रिया तथा नागरिकों से संवाद स्थापित करने के तरीकों के बारे में भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी साझा की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जनगणना कार्य के दौरान गोपनीयता और डेटा सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाए। साथ ही नागरिकों को स्वगणना पोर्टल के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे 15 जून तक स्वगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करें और जनगणना-2027 को सफल बनाने में सहयोग दें। प्रशासन का मानना है कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यह प्रक्रिया और अधिक प्रभावी तथा सटीक बन सकेगी।