Bharatiya Janata Yuva Morcha (भाजयुमो) ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने, प्रशासनिक विफलता और आर्थिक कुप्रबंधन के आरोप लगाए हैं। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष Sunny Shukla ने मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व वाली सरकार को दिशाहीन और तानाशाही करार दिया। इस दौरान भाजयुमो के प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी Nishant Thakur भी मौजूद रहे।
सन्नी शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को तबादलों के खिलाफ सीधे हाईकोर्ट जाने पर कार्रवाई की चेतावनी देना संविधान और न्यायिक अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि भाजयुमो कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन करेगा।
उन्होंने स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार चुनावों से बचने का प्रयास कर रही थी और अदालतों के हस्तक्षेप के बाद ही चुनाव संभव हो पाए। सोलन जिले के कुनिहार में बैलेट पेपर गायब होने की घटना को उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही और राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया। भाजयुमो ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर हमला बोलते हुए सन्नी शुक्ला ने कहा कि हिमाचल प्रदेश वित्तीय संकट से गुजर रहा है और सरकार कर्मचारियों को समय पर वेतन-पेंशन देने में भी संघर्ष कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्य ठप पड़े हैं और विभागों में भुगतान लंबित हैं।
भाजयुमो अध्यक्ष ने कहा कि शासन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के मामले में हिमाचल प्रदेश की स्थिति लगातार कमजोर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में डिजिटल प्रशासन, पारदर्शिता और जनसेवाओं की मॉनिटरिंग के मोर्चे पर सरकार विफल रही है।
सन्नी शुक्ला ने चेतावनी दी कि भाजयुमो आने वाले दिनों में प्रदेशभर में आंदोलन चलाएगा और सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान शुरू करेगा।