हमीरपुर में नशा निवारण केंद्रों का एडीसी ने किया निरीक्षण

rakesh nandan

20/04/2026

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में अतिरिक्त उपायुक्त अभिषेक गर्ग ने शनिवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित नशा निवारण एवं परामर्श केंद्रों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री, डीएसपी नितिन चौहान, तहसीलदार नरेश पटियाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

केंद्रों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान एडीसी ने नशा निवारण केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, उपचार व्यवस्था और परामर्श सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने केंद्रों में रखे गए रिकॉर्ड की भी जांच की और उपचार के लिए आने वाले व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त की। अभिषेक गर्ग ने केंद्र संचालकों को निर्देश दिए कि वे उपचार प्राप्त कर रहे लोगों के लिए बेहतर वातावरण सुनिश्चित करें, ताकि वे नशा छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

लाभार्थियों से सीधा संवाद

निरीक्षण के दौरान एडीसी ने केंद्रों में उपचार ले रहे लोगों से बातचीत भी की। उन्होंने उनसे सुविधाओं, उपचार प्रक्रिया और वातावरण को लेकर फीडबैक लिया। इस दौरान कई लाभार्थियों ने अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए, जिनके आधार पर अधिकारियों ने सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही।

तीन प्रमुख केंद्रों का निरीक्षण

एडीसी ने हमीरपुर के तीन प्रमुख नशा निवारण केंद्रों का निरीक्षण किया, जिनमें शामिल हैं:

  • वार्ड नंबर-10 स्थित आयुष्मान रिहैबिलिटेशन एंड ड्रग्स काउंसलिंग सेंटर
  • वार्ड नंबर-5 स्थित इंटिग्रेटेड सेंटर फॉर एडिक्ट्स (IRCA) एवं योग साधना कक्ष
  • दोसड़का स्थित गोल्डन एज ड्रग काउंसलिंग सेंटर

इन केंद्रों में इस समय बड़ी संख्या में लोग नशा छोड़ने के लिए उपचार और परामर्श प्राप्त कर रहे हैं।

कितने लोग ले रहे उपचार

एडीसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

  • आयुष्मान केंद्र में 24 लोग
  • IRCA एवं योग केंद्र में 11 लोग
  • गोल्डन एज केंद्र में 21 लोग

इस प्रकार कुल मिलाकर 50 से अधिक लोग इन केंद्रों में उपचार प्राप्त कर रहे हैं।

सुधार के दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान एडीसी ने तीनों केंद्रों के संचालकों को विभिन्न सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा निवारण केंद्रों का माहौल सकारात्मक और प्रेरणादायक होना चाहिए, ताकि उपचाराधीन व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इन केंद्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाएं, परामर्श सेवाएं और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रयास

हिमाचल प्रदेश में नशे की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। नशा निवारण केंद्रों की भूमिका इस दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये केंद्र नशे के आदी लोगों को नई जिंदगी देने का काम करते हैं। अभिषेक गर्ग ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल नशे पर नियंत्रण करना ही नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों का पुनर्वास करना भी है।