Himachal University में ABVP का जोरदार प्रदर्शन

rakesh nandan

21/04/2026

Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) की Himachal Pradesh University इकाई द्वारा आज विश्वविद्यालय परिसर में प्रदेश सरकार और प्रशासन की कथित छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ एक बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया और अपनी मांगों को लेकर जोरदार तरीके से आवाज उठाई।

यह प्रदर्शन मुख्य रूप से दो प्रमुख मुद्दों—शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण और PGT पदों पर की जा रही अस्थाई भर्तियों—के विरोध में आयोजित किया गया। छात्र संगठन का आरोप है कि इन दोनों फैसलों से न केवल छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि युवाओं के भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

ABVP इकाई मंत्री ने अपने बयान में कहा कि प्रदेश सरकार एक ओर युवाओं को रोजगार देने के बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन दूसरी ओर PGT जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अस्थाई नियुक्तियां कर रही है। उन्होंने इसे युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि इससे न केवल रोजगार के अवसर सीमित होते हैं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।

उन्होंने मांग की कि PGT पदों पर की जा रही अस्थाई भर्ती प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए और इसकी जगह नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। उनके अनुसार, स्थायी नियुक्तियां ही शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बना सकती हैं और योग्य उम्मीदवारों को न्याय दिला सकती हैं।

इसके साथ ही, विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की गई फीस वृद्धि को लेकर भी छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि फीस में की गई बढ़ोतरी आम छात्रों के लिए शिक्षा को कठिन और महंगा बना रही है। उन्होंने इसे शिक्षा के बाजारीकरण की दिशा में उठाया गया कदम बताया और आरोप लगाया कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों की पहुंच उच्च शिक्षा तक सीमित हो जाएगी।

छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शुरुआत है और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में नारेबाजी की और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। कई छात्रों ने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे और किसी भी प्रकार की अनदेखी को स्वीकार नहीं करेंगे।

मुख्य मांगों में विश्वविद्यालय में की गई फीस वृद्धि को तुरंत वापस लेने, PGT पदों पर अस्थाई भर्ती को समाप्त कर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और प्रशासनिक रवैये में सुधार लाने की मांग शामिल है। छात्रों का कहना है कि इन मुद्दों का समाधान करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा क्षेत्र में नीतिगत फैसलों का सीधा प्रभाव छात्रों और युवाओं पर पड़ता है। ऐसे में छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेना आवश्यक है, ताकि शिक्षा प्रणाली संतुलित और समावेशी बनी रहे।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad द्वारा किया गया यह प्रदर्शन प्रदेश में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर बढ़ती असंतोष की भावना को दर्शाता है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर क्या कदम उठाते हैं।