ऊना में नशा व सड़क सुरक्षा पर सख्त निर्देश

rakesh nandan

29/04/2026

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त जतिन लाल ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस दिशा में गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि समाज को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

मंगलवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक में जतिन लाल ने एन-कॉर्ड (राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल) के तहत गठित जिला स्तरीय समिति तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने कहा कि एंटी-चिट्टा अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पंचायत स्तर पर गठित नशा निवारण समितियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए और कहा कि सभी समितियां नियमित रूप से बैठकें आयोजित करें। इसके साथ ही स्थानीय समुदाय, युवाओं, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने पर भी बल दिया गया।

उन्होंने निर्देश दिए कि संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और इसकी सूचना तुरंत प्रशासन व पुलिस को दी जाए। जो सदस्य इस कार्य में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं, उनकी जानकारी प्रशासन को दी जाए ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उपायुक्त ने नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों के औचक निरीक्षण के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के तहत गठित समिति को केंद्रों की गहन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सड़क सुरक्षा पर विशेष फोकस

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने इन स्थलों पर सुधार कार्य, पैराफिट लगाने तथा आवश्यक सुरक्षा उपायों को जल्द लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने तेज और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने यह भी बताया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले व्यक्तियों को सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त जिला प्रशासन रेडक्रॉस के माध्यम से ₹25,000 की अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगा।

उपायुक्त ने प्रमुख बाजारों में नो-पार्किंग और नो-वेंडिंग ज़ोन को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलिंग कार्य के दौरान पैदल यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सड़क पार करने के लिए आवश्यक स्थानों पर गैप छोड़े जाने का निर्धारण स्थानीय प्रशासन द्वारा किया जाएगा।

सैनिक कैंटीन क्षेत्र में अवैध रेहड़ी लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति दुकान स्थापित करना चाहता है तो उसे नगर निकाय से अनुमति लेकर ही कार्य करना होगा।

बड़ूही चौक में गति सीमा दर्शाने के लिए बड़े सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि वाहन चालक निर्धारित गति का पालन करें। इसके अलावा पंजाब सीमा पर सड़क धंसने के कारणों की जांच के लिए संबंधित प्रशासन के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

पुलिस की सख्त कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ ने बताया कि जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि केमिस्ट दुकानों के नियमित निरीक्षण, दवाओं के स्टॉक की जांच और अवैध दवाओं की बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैश ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई गई है। बैठक में एएसपी, एसडीएम, सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्कूलों के प्रधानाचार्य और पंचायत स्तर की नशा निवारण समितियों के सदस्य उपस्थित रहे। इस बैठक के माध्यम से प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि जिले में नशा और सड़क दुर्घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और सभी विभागों के समन्वय से इसे प्रभावी बनाया जाएगा।