हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में बढ़ते कचरे की समस्या को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न कोचिंग संस्थानों, शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर पंफलेट, पर्चे और हैंडआउट्स बांटे जाने से शहर में गंदगी फैल रही है, जिस पर नगर निगम ने कड़ा संज्ञान लिया है।
नगर निगम के आयुक्त राकेश शर्मा ने इस संबंध में सभी संबंधित संस्थानों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की प्रचार सामग्री का वितरण बंद करें और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि पंफलेट और पर्चों के कारण सड़कों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर रोजाना कचरा फैल रहा है, जिससे न केवल शहर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है, बल्कि नागरिकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता और संस्थानों की भी समान भागीदारी आवश्यक है। यदि सभी मिलकर प्रयास करें, तो शहर को साफ-सुथरा और सुंदर बनाया जा सकता है।
आयुक्त राकेश शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नगर निगम की अपील के बावजूद कोई संस्थान सार्वजनिक स्थानों पर पंफलेट बांटता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1994 के तहत की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा शहर की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए नियमित रूप से सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन यदि इस प्रकार की गतिविधियां जारी रहती हैं, तो इन प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
शहर में बढ़ते कचरे से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि यह स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी जन्म दे सकता है। खुले में फैले कचरे से मच्छर और अन्य कीट पनपते हैं, जो बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
नगर निगम ने संस्थानों से यह भी आग्रह किया है कि वे प्रचार के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें या वैकल्पिक तरीके अपनाएं, जिससे पर्यावरण और स्वच्छता पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
इस कदम को शहर की स्वच्छता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यदि इस पर प्रभावी ढंग से अमल किया जाता है, तो हमीरपुर को स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाने में मदद मिलेगी।
अंततः, नगर निगम का यह संदेश स्पष्ट है कि स्वच्छता एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें सभी की भागीदारी आवश्यक है। नियमों का पालन करते हुए ही शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सकता है।