नेपाल में आयोजित होने वाली 7वीं एशियन स्वात (फ्रेंच किकबॉक्सिंग) प्रतियोगिता के लिए हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों का चयन प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। जिला मंडी से 10 खिलाड़ियों ने भारतीय टीम में जगह बनाई है और इन्हें उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन द्वारा भारतीय ध्वज सौंपकर काठमांडू के लिए रवाना किया गया।
उपायुक्त ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रदेश के लिए सम्मान की बात है कि यहां के युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और तिरंगे का मान बढ़ाएंगे।
यह प्रतियोगिता 29 अप्रैल से 3 मई 2026 तक नेपाल के काठमांडू विश्वविद्यालय में आयोजित की जाएगी, जिसमें एशिया के विभिन्न देशों के खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रतियोगिता में विभिन्न भार वर्गों में मुकाबले होंगे और हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ी अपने-अपने वर्ग में हिस्सा लेंगे।
भारतीय टीम में शामिल खिलाड़ियों में काव्यांशी ठाकुर (39 किलोग्राम), वरुण वालिया (52 किलोग्राम), राहुल (56 किलोग्राम), सूर्य प्रताप सिंह कटवाल (60 किलोग्राम), अमर चंद (52 किलोग्राम), ऋषभ शर्मा (65 किलोग्राम), पंकज कुमार (75 किलोग्राम), होमनी (52 किलोग्राम), रेखा (56 किलोग्राम) और सपना कुमारी (75 किलोग्राम) शामिल हैं।
ये सभी खिलाड़ी लंबे समय से प्रशिक्षण लेकर इस प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं और उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी से खिलाड़ियों को अपने कौशल को निखारने और अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा।
भारतीय महिला टीम की कोच संतोषी देवी टीम का नेतृत्व करेंगी। वहीं अमर चंद और पंकज कुमार को ऑफिशियल जिम्मेदारियां भी दी गई हैं, जो उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
इस उपलब्धि पर स्वात एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के पदाधिकारियों ने खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को उपायुक्त द्वारा ध्वज सौंपकर रवाना करना उनके लिए प्रेरणादायक है और इससे उनका मनोबल बढ़ा है।
हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। किकबॉक्सिंग जैसे खेलों में भी राज्य के युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है, जो खेल संस्कृति के विकास का संकेत है।
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों से प्रदेश और देश को बड़ी उम्मीदें हैं। यदि वे अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो यह न केवल उनके करियर के लिए बल्कि हिमाचल प्रदेश के खेल क्षेत्र के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि होगी।