हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद Suresh Kashyap ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए विकास कार्यों के ठप होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतिगत विफलताओं के कारण युवाओं, खिलाड़ियों और आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
Suresh Kashyap ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा खेल प्रोत्साहन योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदानों के निर्माण के लिए 15-15 लाख रुपये की राशि दी जानी थी, लेकिन इस वर्ष यह धनराशि जारी नहीं की गई। इसके चलते प्रदेशभर में खेल अधोसंरचना का विकास रुक गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इस निर्णय से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से कांगड़ा जिले का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के किसी भी विधानसभा क्षेत्र को इस योजना के तहत धनराशि नहीं दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित खेल मैदान और जिम निर्माण कार्य अधर में लटक गए हैं। उनके अनुसार यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि राजनीतिक भेदभाव और प्राथमिकताओं की कमी को भी दर्शाता है।
सांसद ने कहा कि खेल सुविधाओं का विकास युवाओं के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे न केवल उनकी शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि उन्हें रोजगार और पहचान के अवसर भी मिलते हैं। ऐसे में यदि सरकार इस क्षेत्र की अनदेखी करती है, तो इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है।
इसके अलावा, Suresh Kashyap ने सतलुज पेयजल योजना में हो रही देरी को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राजधानी शिमला सहित कई क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। इस परियोजना में लगातार देरी के कारण लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना में देरी के चलते विश्व बैंक से मिलने वाली वित्तीय सहायता पर भी खतरा मंडरा रहा है। उनके अनुसार यह स्थिति प्रदेश के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसकी लागत लगभग 1168 करोड़ रुपये है। उन्होंने इसे सरकार की लापरवाही और अक्षमता का परिणाम बताया।
सांसद ने कहा कि यदि समय रहते इस परियोजना को पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले समय में लोगों को पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी परेशानी उठानी पड़ सकती है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह न तो योजनाओं को समय पर पूरा कर पा रही है और न ही बजट का सही प्रबंधन कर पा रही है।
Suresh Kashyap ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार केवल घोषणाओं और दावों तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर विकास कार्य ठप पड़े हैं। उनके अनुसार सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है और इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
अंत में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इन मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाएगी और सरकार को उसकी विफलताओं का जवाब देना होगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता सरकार को इसका जवाब देगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में विभिन्न विकास परियोजनाओं और योजनाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक गरमाने की संभावना है।