हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस दिशा में उपायुक्त कार्यालय, रिकांग पीओ में जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिक से अधिक पंजीकरण को सुनिश्चित करना और योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिसे 15 फरवरी 2019 से लागू किया गया है। यह योजना विशेष रूप से उन असंगठित श्रमिकों के लिए बनाई गई है, जो किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना जैसे EPFO, ESIC या NPS के अंतर्गत शामिल नहीं हैं।
जिला श्रम अधिकारी (नोडल अधिकारी) सुरेंद्र बिष्ट ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक, कारीगर, फुटपाथ विक्रेता, कृषि श्रमिक, स्वरोजगार करने वाले, भूमिहीन श्रमिक, हथकरघा श्रमिक और मध्याह्न भोजन कर्मचारी जैसे विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिन श्रमिकों की मासिक आय 15,000 रुपये या उससे कम है, वे इस योजना के तहत पंजीकरण कर सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु तक हर महीने 55 रुपये से 200 रुपये तक का अंशदान करना होता है। इसके बाद 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर उन्हें 3,000 रुपये प्रतिमाह की सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाती है। इसके अलावा, लाभार्थी की मृत्यु होने पर उसके पति या पत्नी को 50 प्रतिशत यानी 1,500 रुपये प्रतिमाह की पारिवारिक पेंशन दी जाती है।
बैठक में यह भी बताया गया कि योजना के तहत पंजीकरण के लिए आधार कार्ड और बैंक खाता या जनधन खाता अनिवार्य है। पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए इसे सामान्य सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से किया जा सकता है, जहां स्व-प्रमाणन के आधार पर नामांकन संभव है।
उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों की पहचान कर उनका नामांकन किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्राथमिक विद्यालयों और अन्य स्थानीय संस्थानों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि योजना की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंच सके। इसके साथ ही, सामान्य सेवा केंद्रों और ग्राम स्तरीय उद्यमियों (VLE) की सहायता से मौके पर ही पंजीकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह सुझाव भी दिया गया कि योजना के क्रियान्वयन के दौरान लाभार्थियों और स्थानीय संस्थाओं से नियमित फीडबैक लिया जाए, ताकि जरूरत के अनुसार सुधार किए जा सकें और योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी संजय कुमार, बीडीओ कल्पा हिमांशी शर्मा, जिला श्रम कल्याण अधिकारी सपन जसरोटिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि किन्नौर में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना को लेकर प्रशासन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है, तो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता प्रदान करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।