ऊना में श्रमिकों को 6.26 करोड़ की सहायता, 31,575 पंजीकृत

rakesh nandan

24/04/2026

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड एक मजबूत सहारा बनकर उभरा है। बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, विवाह, चिकित्सा, आवास और पेंशन जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

जिला श्रम कल्याण अधिकारी अमन शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि ऊना जिले में कुल 31,575 पंजीकृत श्रमिक इस बोर्ड से जुड़े हुए हैं। दिसंबर 2022 से अब तक 1,166 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत 6,26,31,049 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रहा है।

शिक्षा सहायता योजना से बच्चों को मिल रहा सहारा

अमन शर्मा ने बताया कि शिक्षा सहायता योजना के तहत 740 लाभार्थियों को 3,37,55,900 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इस योजना का उद्देश्य श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। इससे कई बच्चों को स्कूल, कॉलेज, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा जारी रखने में मदद मिली है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

विवाह सहायता योजना से आर्थिक बोझ कम

श्रमिक परिवारों के लिए विवाह एक बड़ा आर्थिक दायित्व होता है। इसे ध्यान में रखते हुए विवाह सहायता योजना के तहत लाभार्थियों को 1,75,95,000 रुपये की सहायता दी गई है। इससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिली है और वे अपने बच्चों का विवाह सम्मानपूर्वक कर पा रहे हैं।

चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं

मेडिकल सहायता योजना के तहत 9 श्रमिकों को 96,649 रुपये की सहायता दी गई है, जबकि मृत्यु सहायता योजना के अंतर्गत 41 परिवारों को 96,20,000 रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है। इन योजनाओं के माध्यम से कठिन परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल मिला है।

आवास योजनाओं से साकार हो रहा घर का सपना

प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 10 श्रमिकों को 7,32,500 रुपये की सहायता दी गई है, जिससे उन्हें अपने घर के निर्माण में मदद मिली है। इसके अतिरिक्त पेंशन योजना, छात्रावास सुविधा, मातृत्व-पितृत्व लाभ और बेटी जन्म सहायता जैसी योजनाएं भी श्रमिकों के जीवन को सुरक्षित और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।

पारदर्शी प्रक्रिया से मिल रहा लाभ

अमन शर्मा ने बताया कि सभी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सरल प्रक्रिया के तहत प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विवाह सहायता के तहत स्वयं और दो बच्चों के विवाह के लिए 51-51 हजार रुपये, चिकित्सा सहायता में 50 हजार से 5 लाख रुपये तथा शिक्षा सहायता में पहली कक्षा से पीएचडी तक 8,400 से 1.20 लाख रुपये तक की मदद दी जाती है।

इसके अलावा 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 1,000 रुपये मासिक पेंशन, सदस्य की मृत्यु पर आश्रितों को 2 लाख से 4 लाख रुपये, अंतिम संस्कार हेतु 20 हजार रुपये तथा बेटी जन्म उपहार योजना के तहत 51 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।

सरकार की प्रतिबद्धता

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu के मार्गदर्शन में बोर्ड श्रमिकों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है ताकि श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सके।

वहीं, बोर्ड के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार ने कहा कि योजनाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी बाधा के सहायता पहुंच सके।

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने भी कहा कि जिला स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और अधिक से अधिक परिवार इससे लाभान्वित हों।