स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की राज्य कमेटी ने कथित NEET UG 2026 पेपर लीक और 3 मई को प्रस्तावित परीक्षा रद्द होने के विरोध में अपना कड़ा विरोध दर्ज किया है।
SFI ने आरोप लगाया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अपनी स्थापना से ही परीक्षाओं के गलत प्रबंधन को लेकर विवादों में रही है और एक बार फिर परीक्षा संचालन में विफल साबित हुई है।
संगठन के अनुसार, कुल 720 अंकों में से लगभग 600 अंकों से जुड़े प्रश्न कथित रूप से लीक हुए हैं, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हुई है। SFI का दावा है कि परीक्षा के 180 प्रश्नों में से लगभग 15 प्रश्न पहले ही संभावित प्रश्नपत्र के माध्यम से प्रसारित किए गए थे, जबकि रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) सेक्शन के करीब 120 प्रश्न शब्दशः लीक हुए बताए जा रहे हैं।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली के केंद्रीकरण को लेकर भी निशाना साधा। संगठन ने कहा कि विभिन्न संस्थानों की आवश्यकताओं और मानकों की अनदेखी कर परीक्षा प्रणाली को केंद्रीकृत किया गया, जिसके खिलाफ छात्र संगठनों ने पहले ही चेतावनी दी थी।
SFI ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों और कथित गलत प्रबंधन के कारण देशभर में परीक्षा माफियाओं को बढ़ावा मिला है। संगठन ने यह भी कहा कि महंगे कोचिंग संस्थानों का प्रभाव बढ़ने से मध्यम वर्गीय छात्रों पर आर्थिक बोझ और मानसिक दबाव बढ़ा है।
SFI ने मांग की कि कथित पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही संगठन ने कहा कि परीक्षा से जुड़े विवादों के कारण छात्रों को हुए आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव के लिए उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
इसके अलावा संगठन ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली के केंद्रीकरण की नीति वापस लेने तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की मांग भी उठाई।