नशा मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने ऑनलाइन ई-शपथ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत लोग घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से ‘से नो टू ड्रग्स’ की शपथ ले सकते हैं और अपने नाम से डिजिटल प्रमाणपत्र भी डाउनलोड कर सकते हैं।
उपायुक्त Gandharva Rathore ने जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए विशेष वेब लिंक और क्यूआर कोड जारी किया गया है। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक ऑनलाइन शपथ लेकर नशा मुक्त भारत अभियान का हिस्सा बन सकता है।
उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति Nasha Mukt Bharat Abhiyan Portal पर लॉग इन करके ‘से नो टू ड्रग्स’ की शपथ ले सकते हैं। इसके अलावा जारी किए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
उपायुक्त ने कहा कि ऑनलाइन शपथ लेने के बाद संबंधित व्यक्ति के नाम से डिजिटल प्रमाणपत्र स्वतः जनरेट हो जाएगा, जिसे डाउनलोड किया जा सकता है। यह पहल विशेष रूप से युवाओं, विद्यार्थियों और समाज के विभिन्न वर्गों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में नशा मुक्त भारत अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना अत्यंत आवश्यक है।
प्रशासन के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाना है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोग इस ऑनलाइन अभियान से जुड़कर नशे के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करें।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि आज के समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों तक तेजी से पहुंच बनाई जा सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए ई-शपथ की सुविधा शुरू की गई है ताकि लोग आसानी से अभियान का हिस्सा बन सकें।
उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
जिला प्रशासन का मानना है कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए इसके खिलाफ सामूहिक जनजागरूकता जरूरी है।
प्रशासन ने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से भी इस अभियान को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि नशे की लत से मानसिक, शारीरिक और आर्थिक समस्याएं बढ़ती हैं। इसके कारण अपराध और सामाजिक असुरक्षा जैसी समस्याएं भी पैदा होती हैं। ऐसे में इस प्रकार के जागरूकता अभियान समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उपायुक्त ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक आंदोलन है। इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऑनलाइन शपथ लेकर अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इस अभियान से जोड़ें। इससे नशे के खिलाफ मजबूत जनसंदेश जाएगा और युवाओं को सकारात्मक दिशा मिलेगी।
जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि बड़ी संख्या में लोग इस डिजिटल पहल से जुड़ेंगे और नशा मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देंगे।