दाड़ीं में आरसेटी प्रशिक्षुओं ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस

rakesh nandan

05/06/2026

विश्व पर्यावरण दिवस पर आरसेटी प्रशिक्षुओं ने किया पौधारोपण, जूट उत्पादों को अपनाने का दिया संदेश

हमीरपुर। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा गांव दाड़ीं में आयोजित प्रशिक्षण शिविर की महिला प्रतिभागियों ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्थानीय प्राथमिक पाठशाला परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम के दौरान जूट के बैग निर्माण का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं महिलाओं ने संस्थान के निदेशक अजय कुमार कतना तथा अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में पौधारोपण किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी चर्चा की गई।

निदेशक अजय कुमार कतना ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और प्लास्टिक के अत्यधिक उपयोग ने पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर दी हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने प्रशिक्षुओं से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का आग्रह किया और कहा कि इसके स्थान पर जूट एवं कपड़े से बने उत्पादों को अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जूट के बैग न केवल पर्यावरण के अनुकूल होते हैं, बल्कि ये टिकाऊ और पुनः उपयोग योग्य भी होते हैं। इससे प्लास्टिक कचरे में कमी लाने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलती है।

अजय कुमार कतना ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को जूट उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे एक ओर महिलाओं को आय का साधन प्राप्त होगा, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण हितैषी उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण दोनों उद्देश्यों को एक साथ पूरा करने में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता व्यक्त करते हुए पौधों की देखभाल का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्य नहीं है, बल्कि पौधों को संरक्षित रखना और उन्हें विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि वृक्ष वातावरण को स्वच्छ बनाने, कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने, वर्षा चक्र को संतुलित रखने और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल अवश्य करनी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश भी दिया गया। प्रतिभागियों को जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

आरसेटी द्वारा संचालित प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें कौशल विकास के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। जूट बैग निर्माण प्रशिक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे महिलाएं पर्यावरण हितैषी उत्पाद तैयार कर स्वरोजगार शुरू कर सकती हैं।

कार्यक्रम में संस्थान के संकाय सदस्य विनय चौहान, ट्रेनर सीमा देवी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी भी उपस्थित रहे। सभी ने पौधारोपण अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीण क्षेत्र में पर्यावरण जागरूकता फैलाने के साथ-साथ महिलाओं को हरित एवं टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।