भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शिमला कार्यालय के उप महाप्रबंधक जसविंदर सिंह औजला ने सोमवार को मट्टनसिद्ध स्थित पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की और प्रतिभागियों से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उप महाप्रबंधक जसविंदर सिंह औजला ने प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रही महिलाओं से बातचीत की और उनसे प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने महिलाओं को स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान कीं।
आरबीआई अधिकारियों ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को छोटे व्यवसाय, वित्तीय प्रबंधन और बैंकिंग सुविधाओं के बेहतर उपयोग के बारे में भी जानकारी दी।
इससे पहले संस्थान के निदेशक अजय कुमार कतना ने आरबीआई अधिकारियों का स्वागत किया और उन्हें संस्थान की विभिन्न गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा उपलब्धियों के बारे में विस्तार से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि आरसेटी के माध्यम से ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।
जिला अग्रणी प्रबंधक धर्मेंद्र स्याल ने भी आरबीआई के अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के निरीक्षण और मार्गदर्शन से प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
निरीक्षण के दौरान आरबीआई के अधिकारियों ने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं, उपलब्ध संसाधनों और प्रतिभागियों की प्रगति का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से जारी रखने पर जोर दिया।
इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के शिमला कार्यालय के सहायक महाप्रबंधक आशीष शर्मा, लीड जिला अधिकारी आशीष सांगरा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।