आईजीएमसी में भोजन महंगा, भाजपा का हमला

rakesh nandan

20/05/2026

Rakesh Jamwal ने शिमला स्थित Indira Gandhi Medical College (आईजीएमसी) में मरीजों और तीमारदारों के भोजन के दाम बढ़ाने के फैसले को लेकर प्रदेश सरकार और अस्पताल प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार हर वर्ग पर आर्थिक बोझ डाल रही है और अब अस्पतालों में इलाज करवाने वाले मरीज भी इससे अछूते नहीं रहे।

राकेश जमवाल ने कहा कि जो लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं, उन पर भी महंगाई का बोझ डालना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनता को राहत देने के बजाय हर क्षेत्र में आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पहले हिमकेयर जैसी जनहितकारी योजनाओं में बदलाव किए गए, फिर सहारा योजना के लाभार्थियों को परेशान किया गया। इसके बाद अस्पतालों में टेस्ट और जांचों के शुल्क बढ़ाए गए और अब मरीजों के भोजन के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि सरकारी अस्पताल गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं। दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीज पहले ही दवाइयों, जांचों, किराए और रहने-खाने के खर्च से परेशान रहते हैं। ऐसे में भोजन की कीमतें बढ़ाना उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है।

राकेश जमवाल ने कहा कि अस्पताल मानव सेवा का केंद्र होना चाहिए, न कि कमाई का साधन। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सेवा के हर क्षेत्र को उगाही का माध्यम बना रही है।

उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में भर्ती मरीजों के साथ आने वाले तीमारदार पहले ही आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे होते हैं। कई लोग लंगर, धर्मशालाओं और उधार के सहारे इलाज करवाते हैं। कुछ परिवार तो इलाज के लिए कर्ज तक लेने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे समय में भोजन महंगा करना गरीब विरोधी फैसला है।

भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि एक ओर सरकार मंत्रियों और राजनीतिक कार्यक्रमों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर गरीब मरीजों को राहत देने के बजाय उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब सरकार की नीतियों को समझ चुकी है। चुनावों से पहले बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार आज कर्मचारियों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और मरीजों सहित हर वर्ग को परेशान कर रही है।

राकेश जमवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकारी अस्पतालों में भी गरीब व्यक्ति को राहत नहीं मिलेगी, तो आम आदमी आखिर कहां जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धीरे-धीरे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को भी आम लोगों की पहुंच से बाहर कर रही है।

उन्होंने मांग की कि आईजीएमसी में मरीजों और तीमारदारों के भोजन के बढ़ाए गए दाम तुरंत वापस लिए जाएं। साथ ही गरीब मरीजों को राहत देने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की जाए।

भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी इस फैसले का विरोध जारी रखेगी और सरकार की नीतियों को जनता के बीच उठाती रहेगी।