महिला मुद्दों पर कांग्रेस पर बिंदल का हमला

rakesh nandan

29/04/2026

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में महिला मुद्दों को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कांग्रेस नेता एवं मंत्री हर्षवर्धन के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कांग्रेस पर महिलाओं के प्रति दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है।

राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा को महिला विरोधी बताना पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को 33 प्रतिशत राजनीतिक भागीदारी देने के लिए ऐतिहासिक प्रयास कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस पहल का विरोध किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर इसे कमजोर करने की कोशिश की और बाद में इसका जश्न मनाकर अपनी मानसिकता उजागर कर दी। बिंदल ने कहा, “जो महिलाएं सत्ता में भागीदारी देने का विरोध करते हैं, वे उनके हितैषी नहीं हो सकते।”

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 28 लाख महिलाएं पिछले 42 महीनों से ₹1500 प्रतिमाह देने के वादे का इंतजार कर रही हैं। उनके अनुसार, हर महिला के खाते में अब तक लगभग ₹60,000 पहुंचना चाहिए था, लेकिन सरकार इस दिशा में पूरी तरह विफल रही है।

राजीव बिंदल ने कहा कि यह केवल एक अधूरा वादा नहीं, बल्कि महिलाओं के साथ किया गया छल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने महंगाई बढ़ाकर महिलाओं के जीवन को और कठिन बना दिया है।

उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, राशन, सीमेंट और परिवहन सेवाओं की दरों में बढ़ोतरी तथा सब्सिडी खत्म करने जैसे निर्णयों ने आम परिवारों, विशेष रूप से महिलाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है। उनके अनुसार, घरेलू बजट संभालने वाली महिलाओं पर इन फैसलों का सीधा असर पड़ा है।

बिंदल ने यह भी कहा कि जब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर रही हैं, तब सरकार जवाब देने के बजाय भ्रम फैलाने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठी और मनगढ़ंत खबरों के माध्यम से जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए दोषारोपण की राजनीति कर रही है और इसके लिए सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार, जनता अब इन रणनीतियों को समझ चुकी है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला मुद्दों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच यह टकराव आगामी चुनावों में एक प्रमुख मुद्दा बन सकता है। दोनों दल इस विषय पर अपने-अपने दृष्टिकोण को जनता के सामने रख रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्माने की संभावना है।

अंत में राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश की माताएं और बहनें अब पूरी तरह जागरूक हैं और वे आने वाले समय में सही निर्णय लेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि महिला शक्ति कांग्रेस सरकार की नीतियों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।