लू से बचाव के लिए डीसी ऊना की एडवाइजरी जारी

rakesh nandan

29/04/2026

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। उपायुक्त जतिन लाल ने नागरिकों से अपील की है कि वे कड़ी धूप से बचें और अपनी दिनचर्या में सावधानी बरतें, ताकि हीटवेव से होने वाली समस्याओं से सुरक्षित रहा जा सके।

उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जहां तक संभव हो, लोगों को तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो सिर को ढककर निकलें और हल्के रंग के ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनें। धूप के चश्मे का उपयोग करें और जूते या चप्पल पहनकर ही बाहर जाएं। उन्होंने कहा कि सफर के दौरान हमेशा अपने साथ पीने का पानी रखें और नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगी हो।

उन्होंने बताया कि अधिक तापमान के दौरान कठिन शारीरिक कार्यों से बचना चाहिए। जिन लोगों का काम बाहर का है, वे विशेष सावधानी बरतें और छाता, टोपी या गमछे का उपयोग करें। चेहरे, सिर और गर्दन पर गीला कपड़ा रखने से शरीर को ठंडक मिलती है और लू से बचाव होता है।

खानपान के संबंध में उन्होंने सलाह दी कि हल्का और सुपाच्य भोजन लें। पानी की अधिक मात्रा वाले फल जैसे तरबूज, खीरा, नींबू और संतरा का सेवन करें। इसके साथ ही लस्सी, छाछ, नींबू पानी और आम का पन्ना जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों का नियमित सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिक प्रोटीन वाले भोजन जैसे मांस और मेवे से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर का तापमान बढ़ा सकते हैं।

उपायुक्त ने बच्चों और पालतू जानवरों के लिए भी विशेष सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों और जानवरों को कभी भी बंद या पार्क किए गए वाहनों में अकेला न छोड़ें, क्योंकि इससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। जानवरों को हमेशा छांव में रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध करवाएं।

घर के अंदर ठंडक बनाए रखने के लिए उन्होंने सुझाव दिया कि दिन के समय पर्दे और शटर का उपयोग करें तथा रात के समय खिड़कियां खुली रखें, ताकि ताजी हवा का संचार हो सके। उन्होंने लोगों से स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने और तापमान में होने वाले बदलावों के प्रति सतर्क रहने की भी अपील की।

लू लगने पर क्या करें?

जतिन लाल ने बताया कि यदि सावधानी बरतने के बावजूद किसी व्यक्ति को लू लग जाती है, तो तुरंत प्राथमिक उपचार देना जरूरी है। ऐसे व्यक्ति को तुरंत छांव में लिटाएं और यदि उसने तंग कपड़े पहने हों तो उन्हें ढीला कर दें या हटा दें।

उन्होंने कहा कि ठंडे पानी से शरीर को पोछना या नहलाना लाभदायक होता है। व्यक्ति को ओआरएस, नींबू पानी या नमक-चीनी का घोल पिलाएं, जिससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी हो सके। हालांकि, यदि व्यक्ति बेहोश हो या उल्टियां कर रहा हो, तो उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें।

यदि लक्षण एक घंटे के भीतर ठीक नहीं होते, तो मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए। समय पर इलाज न मिलने से स्थिति गंभीर हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हीटवेव के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

अंततः, जिला प्रशासन की यह एडवाइजरी लोगों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जारी की गई है। यदि सभी नागरिक इन सुझावों का पालन करें, तो गर्मी और लू के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।