मंडी में जनगणना-2027 प्रशिक्षण का दूसरा चरण शुरू

rakesh nandan

29/04/2026

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में जनगणना-2027 की तैयारियों को गति देते हुए फील्ड ट्रेनर्स के दूसरे चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। यह प्रशिक्षण डीआरडीए हॉल के सम्मेलन कक्ष में आयोजित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ उपायुक्त अपूर्व देवगन ने किया। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर में 32 स्कूल प्रवक्ताओं को, जिन्हें फील्ड ट्रेनर के रूप में नियुक्त किया गया है, जनगणना से जुड़े तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

इससे पहले प्रशिक्षण के पहले चरण में भी 32 प्रवक्ताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस प्रकार अब कुल 64 प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर मंडी जिले में जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह प्रशिक्षित दल आगे जिले के सभी 41 चार्ज (ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों) में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर देश और प्रदेश की विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से इस जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के बाद वे तहसील स्तर पर भी प्रभावी तरीके से ज्ञान का प्रसार करें, ताकि जनगणना का कार्य सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संयुक्त निदेशक सह नेशनल ट्रेनर आशीष चौहान के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर सुशीला और लतेश्वरी प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसमें जनगणना प्रक्रिया, डेटा संग्रहण तकनीक, मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग, डेटा सत्यापन और संवाद कौशल जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है।

आशीष चौहान ने बताया कि जनगणना के आंकड़े आम लोगों के जीवन पर सीधा प्रभाव डालते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार यह तय करती है कि किस क्षेत्र में कितनी आबादी है और वहां किन सुविधाओं की आवश्यकता है। इसके आधार पर सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं की योजना बनाई जाती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्रित की गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती और इसका उपयोग केवल नीति निर्माण के लिए किया जाता है, न कि किसी जांच या कर निर्धारण के लिए।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक अभ्यास भी करवाया जा रहा है। इसमें रोल-प्ले, वास्तविक परिस्थितियों में संवाद कौशल, मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा एंट्री और फील्ड में आने वाली चुनौतियों से निपटने के तरीके शामिल हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि फील्ड ट्रेनर हर परिस्थिति में कुशलता से कार्य कर सकें।

जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। स्व-गणना की प्रक्रिया 1 जून से 15 जून 2026 तक चलेगी, जबकि हाउस लिस्टिंग का कार्य 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक किया जाएगा।

प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि जब जनगणना अधिकारी उनके घर पहुंचे, तो वे सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि आंकड़े सटीक और विश्वसनीय बन सकें।

इस अवसर पर डीसीओ एवं नोडल अधिकारी हिमांशु यादव सहित अन्य अधिकारी और प्रतिभागी उपस्थित रहे।

अंततः, मंडी में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना-2027 को सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य की योजनाओं और विकास नीतियों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा।