शिमला में आयोजित जिला स्तरीय बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकरण (PMFME) योजना के तहत 99 नए मामलों को स्वीकृति प्रदान की। ये सभी मामले 27 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच विभिन्न बैंकों को ऋण उपलब्ध करवाने के लिए अनुशंसित किए गए थे। इससे पहले 01 अप्रैल 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक 780 मामलों को भी बैंकों के माध्यम से ऋण स्वीकृति के लिए भेजा गया था, जो इस योजना के प्रति बढ़ती जागरूकता और रुचि को दर्शाता है।
📊 योजना के तहत प्रगति
बैठक में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22 से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल 3026 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 2901 मामलों को बैंकों के पास भेजा गया, जिनमें से 2079 मामलों में ऋण स्वीकृत हो चुका है। इसके अतिरिक्त 73 मामलों में ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया अभी भी जारी है। यह आंकड़े बताते हैं कि योजना का क्रियान्वयन प्रभावी तरीके से किया जा रहा है और बड़ी संख्या में लाभार्थी इससे जुड़ रहे हैं।
💼 युवाओं के लिए बड़ा अवसर
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने युवाओं से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि यह योजना विशेष रूप से युवाओं और छोटे उद्यमियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, ताकि वे अपने व्यवसाय को शुरू या विस्तार कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि योजना अभी जारी है, इसलिए इच्छुक युवा अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
🏭 40% सब्सिडी का लाभ
PMFME योजना के तहत लाभार्थियों को ग्रेडिंग और पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह सब्सिडी उद्यमियों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है, जिससे वे कम लागत में अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
📦 जिले में स्थापित इकाइयां
जिला शिमला में इस योजना के तहत अब तक कुल 2080 ग्रेडिंग और पैकेजिंग यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं। इन इकाइयों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर कृषि और बागवानी उत्पादों का मूल्य संवर्धन हो रहा है, जिससे किसानों और उद्यमियों दोनों को लाभ मिल रहा है।
🌱 स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
इस योजना के माध्यम से न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादों को बाजार में बेहतर पहचान भी मिल रही है। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन में सुधार हो रहा है, जिससे उनकी मांग भी बढ़ रही है।
🤝 प्रशासन की भूमिका
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा, जीएम डीआईसी एवं नोडल अधिकारी संजय कंवर, उपनिदेशक बागवानी सुदर्शना नेगी और उपनिदेशक कृषि अजब कुमार नेगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके।